Brand Logo
Login
Search
Brand Logo

Edzy for Classes 6-12

Edzy is a personal AI tutor for CBSE and State Board students, with curriculum-aligned guidance, practice, revision, and study plans that adapt to each learner.

  • Email: always@edzy.ai
  • Phone: +91 96256 68472
  • WhatsApp: +91 96256 68472
  • Address: Sector 63, Gurgaon, Haryana

Follow Edzy

Browse by Class

  • CBSE Class 6
  • CBSE Class 7
  • CBSE Class 8
  • CBSE Class 9
  • CBSE Class 10
  • CBSE Class 11
  • CBSE Class 12
Explore the CBSE resource hub

Explore Edzy

  • About Us
  • Why We Built Edzy
  • Search Learning Resources
  • Blog
  • CBSE News & Updates
  • Contact Us
  • CBSE AI Tutor
  • CBSE Resource Hub

Support & Legal

  • Help & FAQs
  • Accessibility
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Cookie Policy
  • Site Directory

© 2026 Edzy. All rights reserved.

Curriculum-aligned learning paths for students in Classes 6-12.

Chapter Hub

रीढ़ की हड्डी

रीढ़ की हड्डी नाटक में एक परिवार की शादी की तैयारी और संघर्ष का चित्रण है। इसमें शादी के अनुष्ठान से जुड़े सामाजिक मूल्य और सोच को बेहतरीन तरीके से दर्शाया गया है।

Summary, practice, and revision
CBSE
Class 9
Hindi
Kritika

रीढ़ की हड्डी

Author: जगदीश चंद्र माथुर

Chapter Summary

Playing 00:00 / 00:00

Download NCERT Chapter PDF for रीढ़ की हड्डी – Latest Edition

Access Free NCERT PDFs & Study Material on Edzy – Official, Anytime, Anywhere

Live Challenge Mode

Ready to Duel?

Challenge friends on the same chapter, answer fast, and sharpen your concepts in a focused 1v1 battle.

NCERT-aligned questions
Perfect for friends and classmates

Why start now

Quick, competitive practice with instant momentum and zero setup.

More about chapter "रीढ़ की हड्डी"

जगदीश चंद्र माथुर द्वारा रचित नाटक 'रीढ़ की हड्डी' में एक परिवार की शादी की तैयारी का वर्णन है। नाटक के मुख्य पात्र रामस्वरूप और प्रेमा शादी की तैयारियों में जुटे हुए हैं, जबकि उनकी बेटी उमा शादी के लिए तैयार नहीं है। रामस्वरूप और प्रेमा की बातचीत में सामाजिक अपेक्षाएँ और लड़कियों की शिक्षा पर बहस होती है। खासकर गोपाल प्रसाद और उनके बेटे शंकर के साथ मिलन के दौरान उमा अपने अधिकारों के लिए खड़ी होती है, जिससे नाटक को तात्कालिकता और महत्व मिलता है। यह नाटक न केवल पारिवारिक समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश है, बल्कि समाज में नारी की स्थिति और उसकी शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित करता है।
Learn Better On The App
Practice-first experience

Practice Makes Perfect

Sharpen concepts with MCQs, quizzes, and focused topic-based practice.

Endless questions
Topic-wise prep

Faster access to practice, revision, and daily study flow.

Edzy mobile app preview

रीढ़ की हड्डी - क्लास 9 हिंदी पाठ

जगदीश चंद्र माथुर की रचना 'रीढ़ की हड्डी' में पारिवारिक मूल्य, नारी अधिकार और विवाह की सामाजिक जटिलताओं का रंगीन चित्रण है।

रीढ़ की हड्डी नाटक मुख्यतः एक लड़की उमा की शादी की तैयारी और उससे जुड़ी सामाजिक समस्याओं को दर्शाता है। इसमें नारी शक्ति, शिक्षा और परिवार की अपेक्षाएँ प्रमुखता से रेखांकित की गई हैं।
यह नाटक आज के समाज में भी प्रासंगिक है, जहाँ शिक्षा और पारिवारिक अपेक्षाएँ एक दूसरे के साथ टकराती हैं। यह नाटक नारी की स्थिति और उसके अधिकारों की बात करता है।
इस नाटक के प्रमुख पात्र रामस्वरूप, प्रेमा, उमा, और गोपाल प्रसाद हैं। रामस्वरूप और प्रेमा उमा के माता-पिता हैं, जबकि गोपाल प्रसाद शादी के लिए आने वाला वर पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हाँ, उमा की शिक्षा नाटक में एक मुख्य मुद्दा है। उमा की पढ़ाई और उसके आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए उसका विरोध इस नाटक का केंद्रीय विषय है।
रामस्वरूप एक पारिवारिक व्यक्ति हैं जो अपनी बेटी उमा की शादी की तैयारियों में जुटे हैं। वह पारंपरिक सोच को दर्शाते हैं और उनकी बातचीत में समाज की अपेक्षाओं का संकेत मिलता है।
उमा एक आत्मनिर्भर और शिक्षित लड़की है। वह अपने अधिकारों के लिए खड़ी होती है और शादी की अनिवार्यता पर सवाल उठाती है, जो उसे नाटक का मुख्य सशक्त पात्र बनाता है।
प्रेमा का दृष्टिकोण है कि विवाह में लड़की की सुंदरता और पारंपरिक भूमिका महत्वपूर्ण हैं। वह उमा की नकारात्मक सोच और उसके पढ़ाई-लिखाई के प्रति उसके दृष्टिकोण पर चिंता करती है।
नाटक में सामाजिक मुद्दे जैसे कि शिक्षा, महिलाओं का अधिकार, पारिवारिक अपेक्षाएँ, और विवाह के लिए तैयारियों को महत्वपूर्ण रूप से प्रस्तुत किया गया है।
हां, नाटक में कुछ हास्य दृश्य हैं जो पात्रों के संवादों में प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे संवादों में हल्का-फुल्का वातावरण और ताजगी बनी रहती है।
उमा और शंकर के संवाद विवाह के प्रति उनकी सोच और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच की जटिलताओं को दर्शाते हैं। यह नाटक में देशी और आधुनिक सोच के बीच की टकरार को बताता है।
नाटक का शीर्षक 'रीढ़ की हड्डी' समानता और आत्मनिष्ठता का प्रतीक है, जिसका अर्थ है कि वास्तविक ताकत और सहनशीलता है, जैसे कि एक व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी होती है।
नाटक की भाषा सरल और सहज है, जिससे संवाद स्पष्टता से केन्द्रित होते हैं। यह नाटक उस समय की सामाजिक स्थिति को दर्शाने के लिए उपयुक्त है।
उमा का विद्रोह तब सामने आता है जब उसकी पढ़ाई और अधिकारों की अनदेखी की जाती है। वह अपने विचारों को व्यक्त करने में साहस दिखाती है।
उमा का चश्मा उसके पढ़ाई और आत्म-विश्वास का प्रतीक है। यह इस बात को दर्शाता है कि वह अपनी पहचान और क्षमता के प्रति जागरूक है।
परिवार के अन्य सदस्य जैसे रतन एक सहायक भूमिका में हैं, जो घटनाओं को बढ़ाते हैं और परिवार की दिनचर्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नाटक में संवादों के माध्यम से पात्रों की मनोदशा और संघर्षों को उजागर किया गया है, जो थियेट्रिकल तकनीकों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गोपाल प्रसाद एक पारंपरिक पिता के रूप में सामने आते हैं, जो अपने बेटे और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार विवाह के लिए लड़की की संबंध में सोचते हैं।
हाँ, नाटक के अंत में यह संदेश मिलता है कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण हैं, और नारी को अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार है।
पात्रों की आपसी बातचीत में मुख्य विचार यह है कि समाज में पारंपरिक सोच और आधुनिक विचारों का मुकाबला किस प्रकार किया जाए।
नाटक में मुख्यतः नारी सशक्तीकरण और शिक्षा का महत्व प्रमुख है, जो उमा के चरित्र के माध्यम से स्पष्ट होता है।
उमा का अंतिम विचार समाज में पारिवारिक दबावों का आलोचना करता है और नारी की स्वतंत्रता और आत्म-सम्मान को महत्व देता है।
यह नाटक न केवल मनोरंजन प्रदान करता है, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर गहरी सोच और जागरूकता भी लाता है, जो इसे महत्व देती है।
इस नाटक में यथार्थता के साथ सामाजिक परिप्रेक्ष्य का चित्रण किया है, जो उस समय की सामाजिक स्थिति को दर्शाते हुए ऐतिहासिक संदर्भ को जोड़ता है।

Chapters related to "रीढ़ की हड्डी"

इस जल प्रलय में

यह पाठ जल प्रलय के घटनाक्रम और उसके प्रभावों को दर्शाता है, जो मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक करना है।

Start chapter

मेरे संग की औरतें

इस अध्याय में महिलाओं की सामाजिक स्थिति, संघर्ष और उनके इर्द-गिर्द घूमती समस्याओं का वर्णन है। यह विशेष रूप से समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके अनुभवों को समझने में मदद करता है।

Start chapter

लेखक – परिचय

इस अध्याय में लेखक का परिचय दिया गया है, जो उनकी रचनाओं और योगदान को समझने में मदद करता है। यह अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह साहित्यिक पृष्ठभूमि को उजागर करता है।

Start chapter

रीढ़ की हड्डी Summary, Important Questions & Solutions | All Subjects

Question Bank

Worksheet

Revision Guide