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title: "जयशंकर प्रसाद"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
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subject: "Hindi"
book: "Kshitij - II"
chapter: "जयशंकर प्रसाद"
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source: "Edzy"
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last_updated: "2026-06-20"
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# जयशंकर प्रसाद
जयशंकर प्रसाद का जन्म सन् 1889 में वाराणसी में हुआ। वे आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में गिने जाते हैं। हिंदी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Kshitij - II |
| Chapter | जयशंकर प्रसाद |
| Pages | 17-21 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
जयशंकर प्रसाद बहुमुखी प्रतिभा के धनी साहित्यकार थे जिन्होंने कविता, नाटक, कहानी, उपन्यास और निबंध सभी विधाओं में उल्लेखनीय रचनाएँ कीं।

### Detailed Summary
प्रसाद जी का परिवार संपन्न था और उनका व्यापार सुगंधित तंबाकू का था, किंतु पिता के निधन के बाद पारिवारिक परिस्थितियाँ बदल गईं। इसके बावजूद उन्होंने साहित्य साधना को अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी प्रमुख कृतियों में 'कामायनी', 'आँसू', 'झरना', 'लहर', 'कानन-कुसुम', 'ध्रुवस्वामिनी', 'चंद्रगुप्त', 'स्कंदगुप्त', 'राज्यश्री' आदि शामिल हैं। उनकी भाषा अत्यंत परिष्कृत, भावपूर्ण और काव्यमय है। वे इतिहास और संस्कृति के प्रति विशेष अनुराग रखते थे और अपनी रचनाओं में भारतीय संस्कृति, परंपरा और मानवीय मूल्यों का सुंदर चित्रण करते हैं। 1937 में उनका निधन हो गया। उनकी कविता में प्रकृति के सौंदर्य और मानव मन की संवेदनाओं का अत्यंत कोमल और मार्मिक चित्रण किया गया है।

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## Topic-Wise Explanation

### जयशंकर प्रसाद का जीवन परिचय
जयशंकर प्रसाद का जन्म सन् 1889 में वाराणसी में हुआ।

### जयशंकर प्रसाद की कविताओं का सारांश
कवि ने प्राकृतिक दृश्य के माध्यम से जीवन की गहन अनुभूतियों को व्यक्त किया है।

### जयशंकर प्रसाद की साहित्यिक विशेषताएँ
उनकी भाषा अत्यंत परिष्कृत, भावपूर्ण और काव्यमय है।

### जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचनाएँ
प्रमुख कृतियों में 'कामायनी', 'आँसू', 'झरना', 'लहर', 'कानन-कुसुम' आदि शामिल हैं।

### जयशंकर प्रसाद का साहित्य में योगदान
उन्होंने साहित्य साधना को अपना जीवन समर्पित कर दिया।

### जयशंकर प्रसाद की भाषा शैली
उनकी भाषा अत्यंत परिष्कृत और काव्यमय है।

### जयशंकर प्रसाद की कविताओं की विशेषताएँ
कविता में कल्पना, भाव और संगीतात्मकता का अद्भुत समन्वय है।

### जयशंकर प्रसाद के नाटक
उन्हें नाटकों के लिए भी जाना जाता है, विशेष रूप से 'चंद्रगुप्त' और 'स्कंदगुप्त'।

### जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ
कहानियों में भी उन्होंने भारतीय संस्कृति का चित्रण किया है।

### जयशंकर प्रसाद के उपन्यास
उनके उपन्यासों में मानवीय मूल्यों का सुंदर चित्रण होता है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| हिंदी साहित्य में योगदान | जयशंकर प्रसाद का योगदान आधुनिक हिंदी साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण है। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| छायावादी युग | हिंदी साहित्य का एक प्रमुख काल जिसमें भावनाओं और कल्पनाओं का विशेष महत्व है। |

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## Important Points for Revision

* प्रसाद जी का जन्म वाराणसी में हुआ।
* वे हिंदी के छायावादी युग के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं।
* उनकी प्रमुख रचनाएँ 'कामायनी', 'आँसू', 'झरना' हैं।
* उनका साहित्य भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का चित्रण करता है।
* उनकी भाषा भावपूर्ण और काव्यमय है।
* उन्होंने कविता, नाटक, कहानी और उपन्यास के सभी रूपों में लेखन किया।
* 1937 में उनका निधन हो गया।
* कवि ने प्रकृति और मानव भावनाओं का अद्भुत समन्वय किया है।

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## Source Attribution

| Field | Value |
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| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d7dc4cf957671e7eec43b |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-10-hindi-kshitij-ii-jyshkr-prsad |
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