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title: "मंगलेश डबराल"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
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subject: "Hindi"
book: "Kshitij - II"
chapter: "मंगलेश डबराल"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-22"
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# मंगलेश डबराल
मंगलेश डबराल का जन्म सन् 1948 में टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड) के काफलपानी गाँव में हुआ। शिक्षा-दीक्षा देहरादून में हुई। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में प्रतिष्ठित कार्य किया। उनका निधन 2020 में हुआ।

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Kshitij - II |
| Chapter | मंगलेश डबराल |
| Pages | 35-42 |

## Chapter Summary

### Short Summary
मंगलेश डबराल एक प्रसिद्ध कवि और हिंदी पत्रकार थे। उन्होंने अनेक कविता संग्रह प्रकाशित किए और साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया।

### Detailed Summary
मंगलेश डबराल का जन्म उत्तराखंड के काफलपानी गाँव में हुआ था। उनके चार कविता संग्रह हैं, जिनमें 'पहाड़ पर लालटेन', 'घर का रास्ता', 'हम जो देखते हैं' और 'आवाज़ भी एक जगह है' शामिल हैं। डबराल का कार्यक्षेत्र हिंदी पत्रकारिता में भी विस्तृत रहा। उन्होंने 'जनसत्ता' और 'सहारा समय' जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में संपादक के पद पर कार्य किया। उनकी कविताओं में समकालीन बोध और समाज के प्रति संवेदनशीलता झलकती है।

## Topic-Wise Explanation

### कवि परिचय
मंगलेश डबराल का जन्म 1948 में हुआ और वे हिंदी के महत्वपूर्ण कवियों में से एक माने जाते हैं।

### कविता का सार
डबराल की कविताएँ समाज के दबे-कुचले लोगों की आवाज बनती हैं।

### कविता का भावार्थ
उनकी कविताओं में मानवता और संवेदनशीलता का एक विशेष दृष्टिकोण देखने को मिलता है।

### कविता की व्याख्या
कविता में संगीत और दृश्यात्मकता का समावेश होता है, जो उसे जीवंत बनाता है।

### कविता का सौंदर्य
उनकी भाषा पारदर्शी और सहज होती है, जो पाठकों को प्रभावित करती है।

### कविता का प्रश्न-उत्तर
उनकी कविताएँ समाजीय प्रश्नों पर केन्द्रीयकृत होती हैं।

### कविता का अभ्यास
कविताओं का गहन अध्ययन और अभ्यास आवश्यक है।

## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| संवेदनशीलता | मानवता का ध्यान रखना। |

## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| कविता | एक साहित्यिक कला जो भावनाओं का संप्रेषण करती है। |

## Important Points for Revision

* मंगलेश डबराल का जन्म 1948 में हुआ।
* उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में कार्य किया।
* उनका निधन 2020 में हुआ।
* उनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं।
* उन्होंने साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया।
* वे प्रमुख अनुवादक भी रहे।
* डबराल की कविताएँ समकालीन बोध को दर्शाती हैं।
* उनकी भाषा पारदर्शी और संवेदनशील होती है।

## Source Attribution

| Field | Value |
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| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d7e76cf957671e7eec649 |
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