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title: "सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला'"
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version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला'
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जन्म सन् 1896 में बंगाल के मेदिनीपुर जिले के महिषादल नामक स्थान में हुआ था। उनका बचपन बंगाल में बीता, इसलिए उन्होंने बंगला भाषा और साहित्य का भी गहरा अध्ययन किया। बाद में वे उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के गढ़कोला गाँव में रहने लगे।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Kshitij - II |
| Chapter | सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला' |
| Pages | 28-34 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
निराला जी हिंदी के छायावादी युग के प्रमुख कवि माने जाते हैं, जिन्होंने अनेक साहित्यिक विधाओं में रचनाएँ कीं।

### Detailed Summary
निराला जी की प्रमुख कृतियों में ‘परिमल’, ‘अनामिका’, ‘गीतिका’, ‘कुकुरमुत्ता’, ‘राम की शक्ति-पूजा’, ‘सरोज-स्मृति’, ‘अप्सरा’, ‘अलका’, ‘कुल्ली भाट’ आदि शामिल हैं। उनकी कविता में प्रकृति के सौंदर्य और मानव जीवन की भावनाओं का मार्मिक चित्रण होता है, जहाँ वे सामाजिक अन्याय और बेरुखी के खिलाफ आवाज उठाते हैं। उनकी रचनाएँ जीवन के संघर्ष, पीड़ा और आशा का सजीव चित्रण करती हैं।

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## Topic-Wise Explanation

### परिचय
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का जन्म 1896 में हुआ।

### कवि परिचय
वे हिंदी के छायावादी युग के प्रमुख कवि हैं।

### कविता का सार
प्रकृति और मानव भावनाओं का चित्रण।

### कठिन शब्दों के अर्थ
कोई विशेष कठिन शब्द मौजूद नहीं।

### प्रश्न-अभ्यास
प्रश्न अभ्यास हेतु संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

### मूल्यपरक प्रश्न
क्या निराला जी के रचनाओं में सामाजिक चेतना दिखाई देती है?

### पाठ के आस-पास
निराला की रचनाएँ समाज में व्याप्त शोषण के खिलाफ हैं।

### अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
निराला जी की भाषा की विशेषताएँ क्या हैं?

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| स्वाभिमान | कवि का स्वाभिमान और स्वतंत्र चिंतन। |
| सामाजिक चेतना | अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| प्रकृति का सौंदर्य | मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण तत्व। |

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## Important Points for Revision

* निराला का जन्म 1896 में हुआ।
* उन्होंने हिंदी के छायावादी युग को नई दिशा दी।
* उनकी प्रमुख कृतियों में ‘परिमल’ और ‘राम की शक्ति-पूजा’ शामिल हैं।
* कवि की भाषा प्रभावशाली और ओजपूर्ण है।
* उन्होंने सामाजिक अन्याय के खिलाफ लेखनी चलाई।
* निराला की कविताओं में जीवन के संघर्ष का चित्रण है।
* उन्होंने कविताओं के माध्यम से मानव अनुभव को संजोया।
* उनके काव्य में शांति और आनंद का अनुभव होता है।

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## Vocabulary and Glossary

| Word / Phrase | Meaning |
| :--- | :--- |
| निराला | कवि का नाम |

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## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. निराला जी का जन्म कब और कहाँ हुआ?
2. निराला की प्रमुख कृतियों में कौन-कौन सी रचनाएँ शामिल हैं?
3. उन्होंने किन साहित्यिक विधाओं में कार्य किया है?
4. निराला की कविताओं का मुख्य विषय क्या है?
5. क्या निराला की रचनाओं में सामाजिक चेतना है?

### Long Answer Questions

1. निराला जी की साहित्यिक दृष्टि पर चर्चा करें।
2. निराला की कविता में प्रकृति और मानव जीवन का चित्रण कैसे किया गया है?
3. निराला जी की रचनाएँ समाज में किस प्रकार का संदेश देती हैं?

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## Related Concepts

| Related Concept | Explanation |
| :--- | :--- |
| छायावाद | हिंदी साहित्य का एक प्रमुख कवि धारणा। |

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d7dd6cf957671e7eec492 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-10-hindi-kshitij-ii-soorykat-tripathee-nirala |
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