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title: "हरिहर काका मिथिलेश्वर"
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chapter: "हरिहर काका मिथिलेश्वर"
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version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# हरिहर काका मिथिलेश्वर
हरिहर काका मेरे गाँव के रहने वाले थे। उनका असली नाम हरिहर प्रसाद था। वे उम्र में मेरे बाबा के बराबर थे और गाँव में हरिहर काका के नाम से जाने जाते थे। उनके पास खेती-बाड़ी की अच्छी-खासी जमीन थी।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Sanchayan - II |
| Chapter | हरिहर काका मिथिलेश्वर |
| Pages | 1-19 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
हरिहर काका की कहानी में दिखाया गया है कि कैसे परिवार और समाज के स्वार्थ का सामना करते हुए उन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा की।

### Detailed Summary
हरिहर काका के दो बेटे थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। घर में उनकी पत्नी और दो बहुएँ थीं, जिनका व्यवहार उनके प्रति अच्छा नहीं था। काका का मन घर में नहीं लगता था इसलिए वे अधिकतर समय गाँव के चौपाल या मंदिर में बिताते थे। मंदिर के महंत ने उन्हें परिवार की स्वार्थी योजनाओं के बारे में बताया और उन्हें अपनी संपत्ति मंदिर के नाम करने के लिए प्रेरित किया। जब काका ने यह निर्णय लिया, तो उनके परिवार वालों ने अचानक उनका ध्यान रखना शुरू कर दिया। काका ने अंततः समझ लिया कि उन्हें अपनी जमीन खुद के पास ही रखनी चाहिए और दूसरों की बातों में आकर अपने अधिकारों को नहीं छोड़ना चाहिए। उनके इस निर्णय ने सभी को चौंका दिया।

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## Topic-Wise Explanation

### हरिहर काका का परिचय
हरिहर काका गाँव के निवासी हैं और उन्हें गाँव में हरिहर प्रसाद के नाम से जानते हैं। वे अपने अंतर्मन से सच्चे हैं।

### हरिहर काका का गाँव और परिवार
काका के परिवार में उनकी पत्नी और दो बहुएँ हैं। उनके दो बेटे मर चुके हैं। परिवार में स्वार्थ का भाव देखने को मिलता है।

### हरिहर काका की दिनचर्या
काका का अधिकांश समय चौपाल और मंदिर में बीतता है।

### हरिहर काका और मिथिलेश्वर का संबंध
मंदिर के महंत से काका का करीबी संबंध है।

### हरिहर काका की समस्याएँ
काका अपने परिवार के सदस्यों की स्वार्थी प्रवृत्तियों से परेशान हैं।

### हरिहर काका का संघर्ष
काका को अपनी संपत्ति को लेकर परिवार और मंदिर के लोगों के बीच संघर्ष करना होता है।

### हरिहर काका का अंत
काका अपने अधिकारों की रक्षा करते हैं और अपने संपत्ति को नहीं छोड़ते।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| स्वार्थ | मानव संबंधों में स्वार्थ की भूमिका। |
| निर्णय | स्वयं के निर्णय लेने का महत्व। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| संपत्ति | किसी व्यक्ति की आर्थिक मूल्यवान वस्तुएँ। |
| स्वार्थ | दूसरों के मुकाबले स्वयं के लाभ को प्राथमिकता देना। |

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## Important Points for Revision

* हरिहर काका का असली नाम हरिहर प्रसाद है।
* उनके दो बेटे की मृत्यु हो चुकी है।
* घर में उनकी पत्नी और दो बहुएँ हैं।
* बहुओं का व्यवहार उनके प्रति नकारात्मक है।
* काका का समय चौपाल और मंदिर में बीतता है।
* मंदिर के महंत ने उन्हें संपत्ति दान करने के लिए राजी किया।
* काका ने घरवालों के अच्छे व्यवहार पर ध्यान दिया।
* अंत में, काका ने अपनी संपत्ति को अपने पास रखने का निर्णय लिया।

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## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. हरिहर काका का असली नाम क्या है?
2. काका के पास कितनी भूमि है?
3. काका का परिवार में कौन-कौन सदस्य हैं?
4. काका का मन घर में क्यों नहीं लगता था?
5. महंत ने काका को क्या सलाह दी थी?

### Long Answer Questions
1. हरिहर काका के जीवन में आए बदलावों का वर्णन करें।
2. काका ने अपने निर्णय के संबंध में क्या सीखा?
3. परिवार में स्वार्थ की प्रवृत्ति का प्रभाव काका पर क्या पड़ा?

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d8293cf957671e7eed256 |
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