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title: "कबीर – साखी"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 10"
subject: "Hindi"
book: "Sparsh"
chapter: "कबीर – साखी"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# कबीर – साखी
कबीर का जन्म 1398 में काशी में हुआ माना जाता है। गुरु रामानंद के शिष्य कबीर ने 120 वर्षों की आयु पाई। उनकी कविता में गहरी सामाजिक चेतना प्रकट होती है, तथा उन्होंने धर्म के आडंबरों पर गहरी और तीखी चोट की है। कबीर का अनुभव ज्ञान को अधिक महत्व देते थे।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Sparsh |
| Chapter | कबीर – साखी |
| Pages | 3-7 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
कबीर की साखियाँ उनके अनुभव ज्ञान और समाज में व्याप्त धार्मिक आडंबरों पर चोट करती हैं। ये साखियाँ सरल भाषा में गहरी और अर्थपूर्ण शिक्षाएँ देती हैं।

### Detailed Summary
कबीर का जीवन राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक अव्यवस्थाओं के समय में बीता। उन्होंने ‘साखी’ के माध्यम से अपनी शिक्षाएँ दीं, जो सीधे जनमानस को प्रभावित करती हैं। इन साखियों में कबीर ने सत्य की साक्षी दी है जबकि उन्होंने मानवता और प्रेम के महत्व को उजागर किया है। उनकी भाषा में विभिन्न क्षेत्रीय बोलियों का समावेश है, जो इसे विशेष बनाता है।

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## Topic-Wise Explanation

### परिचय
कबीर के जन्म, जीवन और उनकी शिक्षा प्रदान करने की विधि का वर्णन।

### कबीर की साखियों का ऐतिहासिक महत्व
कबीर द्वारा दिए गए संदेश का ऐतिहासिक संदर्भ और उनका सामाजिक प्रभाव।

### कबीर की साखियों का दार्शनिक महत्व
बिना धार्मिक आडंबर के सार्थक जीवन जीने का दर्शन।

### कबीर की साखियों का मनोवैज्ञानिक महत्व
स्वयं की पहचान और अहं के परे रहने की शिक्षा।

### कबीर की साखियों का आध्यात्मिक महत्व
ईश्वर की निराकारता और एकता का बोध।

### कबीर की साखियों का साहित्यिक प्रभाव
कबीर की रचनाएँ अन्य साहित्यकारों पर किस प्रकार प्रभाव डालती हैं।

### कबीर की साखियों का सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव
समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से कबीर की साखियों का उपयोग।

### कबीर की साखियों का धार्मिक-सांस्कृतिक प्रभाव
धर्मों की एकता का समर्थन करते हुए कबीर की विचारधारा।

### कबीर की साखियों का नैतिक-सांस्कृतिक प्रभाव
समाज में नैतिकता और संस्कृति को प्रभावित करना।

### कबीर की साखियों का शैक्षणिक-सांस्कृतिक प्रभाव
साखियों के माध्यम से शिक्षा का महत्व।

### कबीर की साखियों का ऐतिहासिक-सांस्कृतिक प्रभाव
कबीर की साखियों का समय और समाज पर प्रभाव।

### साखी का अर्थ
साक्षात्कार और प्रत्यक्ष ज्ञान का बोध।

### कबीर की साखियों का दार्शनिक-सांस्कृतिक प्रभाव
दार्शनिक और सांस्कृतिक विचारों का संयोजन।

### कबीर की साखियों का मनोवैज्ञानिक-सांस्कृतिक प्रभाव
मानसिक स्तर पर मानवता को जोड़ने का प्रयास।

### कबीर की साखियों का आध्यात्मिक-सांस्कृतिक प्रभाव
आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार।

### कबीर की साखियों की विशेषताएँ
साखियों में प्रयुक्त सामवाद और शैली की विशेषताएँ।

### साखियों का साहित्यिक महत्व
कबीर के शब्दों में निहित साहित्यिक मूल्य।

### कबीर की साखियों का सामाजिक प्रभाव
सामाजिक सुधार हेतु उनकी शिक्षाओं का प्रयोग।

### कबीर की साखियों का धार्मिक महत्व
कबीर द्वारा प्रस्तुत धर्म की नई परिभाषा।

### कबीर की साखियों का नैतिक महत्व
नैतिक शिक्षा का महत्व।

### कबीर की साखियों का शैक्षणिक महत्व
शिक्षा प्रणाली में कबीर का योगदान।

### कबीर की साखियों का सांस्कृतिक महत्व
संस्कृति और परंपराओं पर कबीर का प्रभाव।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| कबीर का अनुभव ज्ञान | कबीर अनुभव पर ध्यान केंद्रित करते हैं। |
| धर्म के आडंबर पर चोट | कबीर धर्म की सतही परतों को उजागर करते हैं। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| साखी | प्रत्यक्ष ज्ञान का प्रमाण। |

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## Important Points for Revision

* कबीर का जन्म 1398 में काशी में हुआ।
* उन्होंने 120 वर्षों तक जीवन जिया।
* उनकी कविता में सामाजिक चेतना निहित है।
* ‘साखी’ शब्द का अर्थ प्रत्यक्ष ज्ञान है।
* कबीर की भाषा को ‘पंचमेल खिचड़ी’ कहा जाता है।
* कबीर ने साधारण भाषा में गहरी शिक्षाएँ दीं।
* उनकी साखियाँ सरलता से याद करने योग्य हैं।
* कबीर ने अनुभव ज्ञान को शास्त्रीय ज्ञान पर प्राथमिकता दी।

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## Vocabulary and Glossary

| Word / Phrase | Meaning |
| :--- | :--- |
| वाणी | बोली |
| आपा | अहं (अहंकार) |
| कुंडलि | नाभि |
| घट-घट | कण-कण में |
| भुवंगम | भुजंग/ साँप |
| बौरा | पागल |
| नेड़ा | निकट |
| आँगन | आँगन |
| साबुन | साबुन |
| अक्षर | अक्षर |
| पीव | प्रिय |
| मुराड़ा | जलती हुई लकड़ी |

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## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. मीठी वाणी बोलने से सुख कैसे मिलता है?
2. दीपक के प्रकाश में अँधियारा कैसे मिट जाता है?
3. कबीर का संदेश क्या है?
4. कबीर की साखियों की भाषा की विशेषता क्या है?
5. कबीर ने अपने स्वभाव को निर्मल रखने के लिए क्या सुझाव दिया है?

### Long Answer Questions
1. कबीर की साखियों में विद्यमान शिक्षाओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।
2. कबीर द्वारा समाज पर किए गए प्रभावों की चर्चा कीजिए।
3. कबीर की साखियों में प्रेम का महत्व कैसे व्यक्त किया गया है?

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## Related Concepts

| [कोई विशेष विषय नहीं ऐसा है।] |

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d83bbcf957671e7eed5ee |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-10-hindi-sparsh-kbeer-sakhee |
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