---
type: "Chapter"
knowledge_type: "chapter"
entity_type: "chapter"
id: "679d9afccf957671e7ef1cec"
title: "निदा फाजली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 10"
subject: "Hindi"
book: "Sparsh"
chapter: "निदा फाजली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले"
chapter_slug: "nida-phajlee-ab-kha-doosre-ke-dukh-se-dukhee-hone-vale"
canonical_url: "https://www.edzy.ai/cbse-class-10-hindi-sparsh-nida-phajlee-ab-kha-doosre-ke-dukh-se-dukhee-hone-vale"
markdown_url: "https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-10-hindi-sparsh-nida-phajlee-ab-kha-doosre-ke-dukh-se-dukhee-hone-vale.md"
source_type: "examSubjectBookChapter"
source_id: "679d9afccf957671e7ef1cec"
source_pdf: "https://edzy-ai.s3.ap-south-1.amazonaws.com/edzy-express-ts/f2c623e3-060e-453d-98f1-c390cceef610.pdf"
source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
---

# निदा फाजली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

निदा फ़ाज़ली एक प्रमुख उर्दू कवि हैं, जिन्होंने अपने जीवन में सरल एवं सरस कविता लिखने में महारत हासिल की। इस पाठ में लेखक ने मानवता की संवेदनाओं में कमी और स्वार्थ की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला है।

---

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Sparsh |
| Chapter | निदा फाजली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले |
| Pages | 89-96 |

---

## Chapter Summary

### Short Summary
निदा फ़ाज़ली की कविता में मानवता की संवेदनाओं में कमी और स्वार्थी प्रवृत्तियों की चर्चा की गई है।

### Detailed Summary
इस पाठ में निदा फ़ाज़ली यह बताते हैं कि कैसे इंसान ने अपनी स्वार्थी प्रवृत्ति के कारण अन्य जीवों और खुद की जाति को भी दर-बदर कर दिया है। उन्होंने बाइबिल के शोलमन की उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार सम्राट ने दूसरों के लिए प्रेम की भावना रखी। लेकिन आज के समय में लोग दूसरों के दुख-दर्द से अनभिज्ञ हैं। फ़ाज़ली ने अपने विचारों से यह रेखांकित किया है कि मानवीय संवेदनाएँ धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं और समाज में सहयोग एवं प्रेम की कमी हो रही है। हमें दूसरों के दुख-दर्द को समझने और मानवता की संवेदनाओं को बनाए रखने की आवश्यकता है।

---

## Topic-Wise Explanation

### कविता का परिचय
निदा फ़ाज़ली उर्दू के महत्वपूर्ण कवियों में से एक हैं, जो अपनी सरल और प्रभावी भाषा के लिए जाने जाते हैं।

### कविता का सारांश
पाठ में मानवता की संवेदनाओं में कमी और व्यक्तियों के स्वार्थी प्रवृत्ति का वर्णन किया गया है।

### कविता की व्याख्या
निदा फ़ाज़ली ने उदाहरणों के माध्यम से यह दर्शाया है कि व्यक्ति की स्वार्थी प्रवृत्तियों के कारण समाज में सहयोग और प्रेम की कमी हो रही है।

### कविता का भावार्थ
इस कविता का भावार्थ है कि हमे दूसरों के दुख-दर्द के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए।

### कविता की भाषा शैली
पाठ की भाषा शैली सरल और स्पष्ट है, जिससे पाठक आसानी से समझ सके।

### कविता का संदेश
हमें मानवता की संवेदनाओं को जीवित रखना चाहिए।

### प्रश्न-अभ्यास
पाठ के अंत में प्रश्न दिए गए हैं, जो भावार्थ और मुख्य विचारों पर आधारित हैं।

---

## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| मानवता की संवेदनाएँ | इंसान की स्वार्थ प्रवृत्तियों के चलते मानवता की संवेदनाएँ समाप्त हो रही हैं। |

---

## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| स्वार्थ | अपने ही लाभ की चिंता करना। |

---

## Important Points for Revision

* निदा फ़ाज़ली का जन्म 12 अक्टूबर 1938 को दिल्ली में हुआ।
* उन्होंने सरल और बोलचाल की भाषा में कविता लिखने की महारत हासिल की।
* उनकी आत्मकथा ‘दीवारों के बीच’ और ‘दीवारों के पार’ शीर्षक से प्रकाशित हुई।
* बाइबिल के शोलमन का उदाहरण मानवता की संवेदनाएँ दर्शाने के लिए दिया गया है।
* आज का इंसान दूसरों के दुख-दर्द से अनजान हो चुका है।
* पाठ में सहयोग एवं प्रेम की कमी पर बात की गई है।
* पाठ का प्रमुख संदेश दूसरों की पीड़ा को समझने का है।
* फ़ाज़ली ने मानवता के लिए संवेदनाओं को बनाए रखने की बात की है।

---

## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. निदा फ़ाज़ली का जन्म कब और कहाँ हुआ?
2. पाठ में इंसान की स्वार्थी प्रवृत्तियों पर क्या चर्चा की गई है?
3. फ़ाज़ली ने बाइबिल के किस चरित्र का उदाहरण दिया है?
4. पाठ में क्या बताया गया है कि आज के इंसान की भावनाएँ कैसे बदल रही हैं?
5. सिद्धांत के अनुसार, हमें दूसरों के दुख के प्रति क्या करना चाहिए?

### Long Answer Questions
1. इस पाठ में निदा फ़ाज़ली की कविताओं के माध्यम से मानवता की संवेदनाओं में कमी के विषय में विस्तृत चर्चा करें।
2. बाइबिल के शोलमन और उनकी मानवीय संवेदनाओं के उदाहरण के साथ विश्लेषण करें।
3. पाठ में किए गए मानवता के संवेदनाओं को बनाए रखने के संदेश की व्याख्या करें।

---

## Related Concepts

* उर्दू कविता
* मानवता की संवेदनाएँ

---

## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d9afccf957671e7ef1cec |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-10-hindi-sparsh-nida-phajlee-ab-kha-doosre-ke-dukh-se-dukhee-hone-vale |
| Markdown URL | https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-10-hindi-sparsh-nida-phajlee-ab-kha-doosre-ke-dukh-se-dukhee-hone-vale.md |
