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title: "वींद्रनाथ ठाकुर – आत्मत्राण"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
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book: "Sparsh"
chapter: "वींद्रनाथ ठाकुर – आत्मत्राण"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# वींद्रनाथ ठाकुर – आत्मत्राण

रवींद्रनाथ ठाकुर (1861-1941) एक प्रमुख भारतीय कवि और साहित्यकार हैं, जिन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने का गौरव प्राप्त है। उनकी रचनाएँ लोक-संस्कृति और प्रकृति से गहरे जुड़े हुए हैं, और उन्होंने अनेक कविताएँ, गीत, और काव्य कृतियाँ लिखी हैं। इस पाठ में उनकी कविता 'आत्मत्राण' का अनुवाद आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा किया गया है, जिसमें कवि स्वयं परिश्रम और संघर्ष की बात करते हैं और प्रभु से किसी भी विपत्ति में सहायता की कामना करते हैं।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Hindi |
| Book | Sparsh |
| Chapter | वींद्रनाथ ठाकुर – आत्मत्राण |
| Pages | 36-42 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
यह अध्याय रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता 'आत्मत्राण' पर आधारित है, जिसमें कवि भगवान से विपत्तियों से बचाने की प्रार्थना करते हैं।

### Detailed Summary
इस कविता में कवि अपनी भावनाओं और इच्छाओं को व्यक्त करते हैं, जिसमें वे प्रभु से यह प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें विपत्तियों से बचाएं। वह यह भी चाहते हैं कि विपत्ति के समय उन्हें स्वयं की शक्तियों पर विश्वास हो, भले ही उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़े। कवि की यह मांग है कि वे स्वयं अपने संघर्ष में सक्षम रहे और प्रभु को उनकी मदद करने की जरूरत न पड़े। कुश्ती, परीक्षा, और तैरने के उदाहरणों के माध्यम से कवि इस विचार को प्रस्तुत करते हैं कि जीवन के संघर्ष में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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## Topic-Wise Explanation

### कवि परिचय
रवींद्रनाथ ठाकुर का जन्म 6 मई 1861 को हुआ था। वह नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने अनेक प्रमुख कृतियाँ लिखी हैं, जिनमें 'गीतांजलि' और 'काबुलीवाला' शामिल हैं।

### कविता का सार
'आत्मत्राण' में कवि भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे विपत्तियों से रक्षा करें, लेकिन इनकी प्रार्थना यह नहीं है कि वह सभी कार्य स्वयं कर लें।

### कविता की व्याख्या
कविता में कवि अपने संघर्ष की महत्वपूर्णता को बताते हैं और प्रभु से सहारे की अपेक्षा रखते हैं।

### कविता का भावार्थ
कवि की प्रार्थना में आत्मनिर्भरता और परिश्रम की भावना है।

### कविता की विशेषताएँ
यह कविता उसकी सरल एवं स्पष्ट भाषा के लिए प्रसिद्ध है, जो भावनाओं को स्पष्ट रूप से प्रकट करता है।

### कविता से संबंधित प्रश्न
पाठ में दिए गए प्रश्न पाठक को कवि की भावना और विचारों को समझने में सहायक होते हैं।

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## Character Analysis

(यहाँ कोई पात्र नहीं हैं, इसलिए इस अनुभाग को छोड़ दिया गया है।)

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| प्रभु से प्रार्थना | कवि की प्रार्थना है कि उन्हें विपत्तियों से बचाया जाए। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| आत्मत्राण | विपत्ति से रक्षा का अनुरोध। |

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## Important Points for Revision

* रवींद्रनाथ ठाकुर का जन्म एवं उनका योगदान।
* 'आत्मत्राण' का मुख्य संदेश।
* आत्मनिर्भरता की आवश्यकता।
* कविता में शामिल उदाहरण।
* भाषा और शैली की विशेषताएँ।
* द्विवेदी जी के अनुवाद की यथार्थता।
* कवि की भावनाएँ।
* प्रार्थना एवं संघर्ष का संबंध।
* पाठ में पूछे गए प्रश्न।

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## Vocabulary and Glossary

| Word / Phrase | Meaning |
| :--- | :--- |
| विपदा | विपत्ति / मुसीबत |
| करुणामय | दूसरों पर दया करने वाला |
| दुःख ताप | कष्ट की पीड़ा |
| व्यथित | दुखी |
| सहायक | मददगार |
| पौरुष | पराक्रम |
| क्षय | नाश |
| त्राण | भय निवारण |
| अनुदिन | प्रतिदिन |
| अनामय | रोग रहित |
| सांत्वना | ढाँढस बँधाना |
| अनुनय | विनय |
| नत शिर | सिर झुकाकर |
| दुःख रात्रि | दुःख से भरी रात |
| वंचना | धोखा देना |
| निखिल | संपूर्ण |
| संशय | संदेह |

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## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?
2. 'विपत्तियों से मुझे बचाओ, यह मेरी प्रार्थना नहीं'—कवि इस पंक्ति के द्वारा क्या कहना चाहता है?
3. कवि सहायक के न मिलने पर क्या प्रार्थना करता है?
4. अंत में कवि क्या अनुनय करता है?
5. 'आत्मत्राण' शीर्षक की सार्थकता कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

### Long Answer Questions

1. अपने इच्छाओं की पूर्ति के लिए आप प्रार्थना के अतिरिक्त और क्या-क्या प्रयास करते हैं?
2. कवि की यह प्रार्थना आपको अन्य प्रार्थना गीतों से अलग लगती है? यदि हाँ, तो कैसे?
3. कवि की भावनाओं का विस्तार में वर्णन करें।

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## Related Concepts

(कोई संबंधित अवधारणाएँ नहीं हैं, इसलिए इस अनुभाग को छोड़ दिया गया है।)

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d8497cf957671e7eed8ff |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-10-hindi-sparsh-veedrnath-thakur-aatmtran |
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