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title: "प्रत्‍यय"
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curriculum: "CBSE"
class: "Class 10"
subject: "Sanskrit"
book: "Vyakaranavithi"
chapter: "प्रत्‍यय"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# प्रत्‍यय

किसी भी धातु या शब्द के पश्चात् जुड़ने वाले शब्दांशों को प्रत्यय कहा जाता है। इस अध्याय में प्रत्यय के भेद और उनके प्रयोगों का वर्णन किया गया है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 10 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Vyakaranavithi |
| Chapter | प्रत्यय |
| Pages | 61-100 |

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## Chapter Summary

### Short Summary

इस अध्याय में प्रत्यय की परिभाषा और विभिन्न प्रकार के प्रत्ययों का उपयोग बताया गया है।

### Detailed Summary

किसी भी धातु या शब्द के अंतर्गत जुड़ने वाले शब्दांशों को प्रत्यय कहा जाता है। मुख्यतः दो प्रकार के प्रत्यय होते हैं: कृत प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय। कृत प्रत्यय उन प्रत्ययों को दर्शाते हैं जो धातुओं में जुड़कर नये शब्दों का निर्माण करते हैं, जबकि तद्धित प्रत्यय संज्ञा शब्दों में प्रयुक्त होते हैं। पुलिंग से स्त्रीलिंग बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रत्यय भी स्त्री प्रत्यय कहलाते हैं। अध्याय में कृत प्रत्यय के अंतर्गत 'क्त्वा', '्यप', 'तुमुन' आदि जैसे प्रत्ययों का विवरण प्रस्तुत किया गया है। ये प्रत्यय विशेषण, संज्ञा, और अव्यय के निर्माण में सहायक होते हैं।

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## Topic-Wise Explanation

### प्रत्यय की परिभाषा

प्रत्यय वह शब्दांश है जो किसी धातु या शब्द के पश्चात् जुड़ता है।

### प्रत्यय के भेद

प्रत्यय मुख्य रूप से कृत प्रत्यय, तद्धित प्रत्यय, और स्त्री प्रत्यय में विभाजित होते हैं।

### कृत प्रत्यय

कृत प्रत्ययों का प्रयोग धातुओं में जोड़कर नई संज्ञाएँ, विशेषण, या अव्यय बनाने के लिए किया जाता है।

### तद्धित प्रत्यय

यह प्रत्यय संज्ञा शब्दों में जोड़कर नए अर्थ उत्पन्न करते हैं।

### प्रत्ययों का प्रयोग

प्रत्ययों का प्रयोग विभिन्न क्रियाओं और संज्ञाओं में उनके अर्थ को स्पष्ट करने के लिए होता है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| प्रत्यय का महत्व | प्रत्यय शब्दों के अर्थ को संप्रेषित करने में सहायक होते हैं। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| कृत प्रत्यय | धातुओं में जोड़कर नए शब्द बनाने वाले प्रत्यय। |
| तद्धित प्रत्यय | संज्ञा शब्दों में जोड़कर नए अर्थ उत्पन्न करने वाले प्रत्यय। |

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## Important Points for Revision

* प्रत्यय धातु या शब्द के पीछे जुड़ते हैं।
* कृत प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय में बँट जाते हैं।
* पुलिंग से स्त्रीलिंग बनाने के लिए प्रत्यय का प्रयोग किया जाता है।
* धातुओं में 'क्त्वा', '्यप', 'तुमुन' जैसे प्रत्ययों का प्रयोग होता है।
* 'क्त्वा' का प्रयोग पूर्वकालिन क्रिया को दर्शाने के लिए किया जाता है।
* प्रत्यय अव्यय के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।
* '्यप' प्रत्यय का उपयोग उपसर्ग वाले धातुओं में होता है।
* तु मुन प्रत्यय का उपयोग क्रियाओं के प्रयोजन में किया जाता है।

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## Vocabulary and Glossary

| Word / Phrase | Meaning |
| :--- | :--- |
| प्रत्यय | शब्दांश जो धातु या शब्द के पश्चात् जुड़ता है। |

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## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. प्रत्यय क्या है?
2. कृत प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय में क्या अंतर है?
3. 'क्त्वा' प्रत्यय का प्रयोग किस प्रकार होता है?
4. स्त्री प्रत्यय का क्या अर्थ है?
5. 'तु मुन' प्रत्यय का प्रयोग किस प्रकार होता है?

### Long Answer Questions

1. कृत प्रत्यय के विभिन्न प्रकारों का विवरण दीजिए।
2. प्रत्ययों के प्रयोग को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
3. प्रत्यय और उनके भेदों की विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 679d9f5dcf957671e7ef3ca5 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-10-sanskrit-vyakaranavithi-prtyy |
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