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title: "जाग तुझको दूर जाना"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 11"
subject: "Hindi"
book: "Antra"
chapter: "जाग तुझको दूर जाना"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# जाग तुझको दूर जाना
महादेवी वर्मा (सन् 1907-1987) का यह गीत स्वाधीनता आंदोलन की प्रेरणा से रचित जागरण गीत है, जिसमें मानव को मोह-माया के बंधनों से मुक्त होकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहने का आह्वान किया गया है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 11 |
| Subject | Hindi |
| Book | Antra |
| Chapter | जाग तुझको दूर जाना |
| Pages | 133-137 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
महादेवी वर्मा का यह गीत जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देता है, कठिनाइयों को न देखते हुए आत्म-विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश देता है।

### Detailed Summary
महादेवी वर्मा का जन्म फ़र्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. किया और प्रयाग महिला विद्यापीठ में लंबे समय तक प्राचार्य के पद पर कार्य किया। उनके काव्य में जागरण की चेतना, स्वतंत्रता की कामना, और करुणा का बोध मौजूद है। उन्होंने 'चाँद' नामक पत्रिका का संपादन किया। उनके गीत प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होते हैं और उनमें भक्तिकाल के गीतों का प्रभाव है। 'जाग तुझको दूर जाना' गीत में महादेवी वर्मा ने समझाया है कि व्यक्ति को मोह-माया के बंधनों से मुक्त होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।

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## Topic-Wise Explanation

### महादेवी वर्मा का जीवन
महादेवी वर्मा का जन्म 1907 में हुआ और उनकी शिक्षा इंदौर में हुई। उन्होंने समाज में स्त्रियों के अधिकारों के लिए कार्य किया।

### महादेवी वर्मा की काव्यनिष्ठा
उनकी काव्य में स्वतंत्रता की कामना और करुणा की भावना बसी हुई है, जो उनके गीतों की ताकत बढ़ाती है।

### प्रकृति और सौंदर्य
महादेवी वर्मा के गीतों में प्रकृति का सौंदर्य और उस पर उनकी अद्वितीय दृष्टि झलकती है।

### जाग तुझको दूर जाना - कविता का विकास
इस कविता में महादेवी ने मानव को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी है।

### बिंब और प्रतीक का प्रयोग
उन्होंने नए बिंबों और प्रतीकों के माध्यम से प्रगीत की अभिव्यक्ति को नई दिशा दी है।

### स्वाधीनता आंदोलन का प्रभाव
महादेवी वर्मा के काव्य में स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| जागरण की चेतना | जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा। |
| स्वतंत्रता का महत्व | अपने लक्ष्य के लिए संघर्ष का संदेश। |

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## Important Points for Revision

* महादेवी वर्मा का जन्म फ़र्रुखाबाद में हुआ।
* उन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. किया।
* महादेवी वर्मा की काव्य में जागरण और स्वतंत्रता की भावना है।
* उनके काव्य में प्राकृतिक सौंदर्य का बोध है।
* 'जाग तुझको दूर जाना' गीत स्वाधीनता आंदोलन से प्रेरित है।
* उन्होंने 'चाँद' पत्रिका का संपादन किया था।
* भारतीय समाज में स्त्रियों के अधिकारों के लिए उनका कार्य महत्वपूर्ण है।
* उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. महादेवी वर्मा का जन्म कहाँ हुआ था?
2. उन्होंने किस विषय में एम.ए. किया?
3. 'चाँद' पत्रिका का संपादन किसने किया?
4. महादेवी वर्मा को कौन सा पुरस्कार प्राप्त हुआ?
5. 'जाग तुझको दूर जाना' गीत किससे प्रेरित है?

### Long Answer Questions
1. महादेवी वर्मा के जीवन और कार्यों का सारांश प्रस्तुत करें।
2. 'जाग तुझको दूर जाना' गीत का विश्लेषण करें।
3. महादेवी वर्मा की काव्यनिष्ठा और उनके गीतों की विशेषताओं पर चर्चा करें।

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 6a16efffa7df5da37e89fe9a |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-11-hindi-antra-jag-tujhko-door-jana |
| Markdown URL | https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-hindi-antra-jag-tujhko-door-jana.md |
