---
type: "Chapter"
knowledge_type: "chapter"
entity_type: "chapter"
id: "66f15d8fe361cd99fe37442c"
title: "तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्‍पत्ति एवंविकास"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 11"
subject: "Sangeet"
book: "Tabla evam Pakhawaj"
chapter: "तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्‍पत्ति एवंविकास"
chapter_slug: "tbla-evpkhavj-vadyo-kee-utptti-evvikas"
canonical_url: "https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sangeet-tabla-evam-pakhawaj-tbla-evpkhavj-vadyo-kee-utptti-evvikas"
markdown_url: "https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-sangeet-tabla-evam-pakhawaj-tbla-evpkhavj-vadyo-kee-utptti-evvikas.md"
source_type: "examSubjectBookChapter"
source_id: "66f15d8fe361cd99fe37442c"
source_pdf: "https://edzy-ai.s3.ap-south-1.amazonaws.com/edzy-express-ts/569d8aee-4e62-432e-99de-61b7e16b8e66.pdf"
source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
---

# तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्‍पत्ति एवंविकास

उत्तर भारतीय संगीत के लोकधर्मी अरनद्ध वाद्यों में तबला और पखावज का महत्वपूर्ण स्थान है। दोनों वाद्यों की उत्पत्ति एवं विकास पर चर्चा से हमें इनके ऐतिहासिक संदर्भ समझने को मिलते हैं, जहां तबला वाद्य की पहचान अरबी भाषा की 'तब्ल' से जुड़े अर्थ स्पष्ट सतह के संदर्भ में होती है।

---

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 11 |
| Subject | Sangeet |
| Book | Tabla evam Pakhawaj |
| Chapter | तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्‍पत्ति एवंविकास |
| Pages | 27-36 |

---

## Chapter Summary

### Short Summary
तबला और पखावज वाद्यों की उत्पत्ति पर चर्चा से यह ज्ञात होता है कि ये वाद्य प्राचीन काल में अस्तित्व में आए। तबला का विकास अरबी 'तब्ल' से हुआ, वहीं पखावज का ऐतिहासिक संदर्भ मृदंग से जुड़ा है।

### Detailed Summary
तबला वाद्य का अर्थ 'स्पष्ट सतह' है और इसका आविष्कार पखावज से नहीं हुआ, बल्कि भारतीय पुराणों में इनके पूर्वज वाद्यों का संकेत मिलता है। हज़रत अमीर खुसरो को तबला का आविष्कारक मानने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है। पखावज का इतिहास मृदंग से जुड़ा है और उसके विकास में कई मुख्य समूहों, जैसे कि मध्यम कालीन गायकी में बदलाव, का योगदान रहा है। अनेकों विद्वानों ने यह साबित किया है कि दोनों वाद्य प्राचीन काल से भारतीय संगीत का हिस्सा रहे हैं।

---

## Topic-Wise Explanation

### तबला वाद्य का परिचय
तबला वाद्य का विकास अरबी शब्द 'तब्ल' से हुआ है, जिसका अर्थ 'स्पष्ट सतह' है। यह दो वाद्यों का एक सांध्यमिक स्वरूप है।

### तबला वाद्य के आविष्कार का इतिहास
तबला के आविष्कार के संबंध में कई विपरीत विचार हैं, जिसमें इसे पखावज से विकसित नहीं माना गया है, क्योंकि दोनों वाद्यों की संरचना में अंतर है।

### पखावज वाद्य का आविष्कार
पखावज की उत्पत्ति का संदर्भ ऐतिहासिक रूप से मृदंग से जुड़ा है, जिसका विकास मध्यकालीन संगीत परंपराओं में हुआ है।

### तबला और पखावज की सांस्कृतिक भूमिका
दोनों वाद्य भारतीय संगीत की परंपराओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और इनका उपयोग उत्सवों एवं धार्मिक गीतों में होता है।

### तबला और पखावज के निर्माण सामग्री
तबला एवं पखावज की कुशन एवं धातु निर्माण सामग्री समय के साथ विकसित हुई है।

### तबला और पखावज की विशेष विशेषताएं
दोनों वाद्यों की ध्वनि गुण एवं सांस्कृतिक संदर्भ विभिन्न रंगों और रीतियों में प्रकट होती हैं।

---

## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| तबला वाद्य का विकास | तबला का विकास अरबी 'तब्ल' से हुआ है। |
| पखावज की उत्पत्ति | पखावज दृढ़ एवं गंभीर नाद का वाद्य है, जिसे मृदंग का विकसित रूप माना जाता है। |

---

## Important Points for Revision

* तबला और पखावज वाद्यों का महत्व भारतीय लोक संगीत में है।
* तबला शब्द अरबी भाषा की 'तब्ल' से आया है।
* पखावज वाद्य का निर्माण मृदंग से जुड़ा है।
* अमीर खुसरो को तबला का आविष्कारक मानने का कोई प्रमाण नहीं है।
* पखावज की उत्पत्ति मध्यकालीन गायकी से संबंधित है।
* तबला वाद्य में दो भाग होते हैं: दाहिना (तबला) और बायाँ (डग्गा)।
* दोनों वाद्यों का विकास उपकरणों की सामग्री परिवर्तन के अनुसार हुआ है।
* पखावज और तबला धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ें हुए हैं।

---

## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. तबला का अर्थ क्या है?
2. पखावज वाद्य की उत्पत्ति किससे जुड़ी है?
3. हज़रत अमीर खुसरो को क्यों तबला का आविष्कारक नहीं माना जाता?
4. तबला वाद्य में कितने भाग होते हैं?
5. भारतीय संगीत में तबला और पखावज का महत्व क्या है?

### Long Answer Questions

1. तबला और पखावज के विकास पर विस्तार से चर्चा करें।
2. इन दोनों वाद्यों के निर्माण सामग्री में हुए परिवर्तन का विश्लेषण करें।
3. पखावज वाद्य की ऐतिहासिक संदर्भ में भूमिका को वर्णित करें।

---

## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 66f15d8fe361cd99fe37442c |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sangeet-tabla-evam-pakhawaj-tbla-evpkhavj-vadyo-kee-utptti-evvikas |
| Markdown URL | https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-sangeet-tabla-evam-pakhawaj-tbla-evpkhavj-vadyo-kee-utptti-evvikas.md |
