---
type: "Chapter"
knowledge_type: "chapter"
entity_type: "chapter"
id: "6a17dbe9ce239659179dfb18"
title: "वीरः सर्वदमनः"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 11"
subject: "Sanskrit"
book: "Bhaswati"
chapter: "वीरः सर्वदमनः"
chapter_slug: "veer-srvdmn"
canonical_url: "https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-veer-srvdmn"
markdown_url: "https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-veer-srvdmn.md"
source_type: "examSubjectBookChapter"
source_id: "6a17dbe9ce239659179dfb18"
source_pdf: "https://edzy-ai.s3.ap-south-1.amazonaws.com/edzy-express-ts/9c42f00f-2466-49d5-9141-f3b830185ca4.pdf"
source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
---

# वीरः सर्वदमनः

प्रस्तुत पाठ कविकुलगुरु महाकवि कालिदास की अमर कृति जगत्प्रसिद्ध ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ नाटक के सप्तम अङ्क से लिया गया है।

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 11 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Bhaswati |
| Chapter | वीरः सर्वदमनः |
| Pages | 20-25 |

## Chapter Summary

### Short Summary
यह पाठ नाटक ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ के सप्तम अङ्क से है, जिसमें राजा दुष्यन्त और शकुन्तला के बीच संवाद एवं सर्वदमन का चित्रण किया गया है।

### Detailed Summary
राजा दुष्यन्त, शकुन्तला से गान्धर्व विवाह करता है लेकिन दुर्वासा ऋषि के शाप के कारण वह उसे भूल जाता है। शकुन्तला अपने पुत्र सर्वदमन के साथ महर्षि मरीचि के आश्रम में रह रही है। दुष्यन्त अपने यात्रा के दौरान मरीचि ऋषि के आश्रम में विश्राम करता है, जहां उसे शकुन्तला और सर्वदमन की प्राप्ति होती है। सर्वदमन के शौर्यपूर्ण शैशव का भी चित्रण किया गया है।

## Topic-Wise Explanation

### पाठ का परिचय
यह पाठ ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ नाटक का एक हिस्सा है, जो महाभारत के शाकुन्तलोपाख्यानम् से प्रेरित है।

### कथा का सारांश
राजा दुष्यन्त और शकुन्तला की कथा, दुष्यन्त के शाप के कारण उत्पन्न हुई समस्याओं और उनके पुनर्मिलन का वर्णन करती है।

### सर्वदमन का शौर्य
सर्वदमन का चित्रण उसकी निडरता और साहस के रूप में किया गया है।

### शब्दानुसार दृश्य
दृश्यों का रूपांकन संवादों के माध्यम से किया गया है।

### अभिनव पारिभाषिक शब्द
अङ्क, नेपथ्यम्, आत्मगतम् जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है।

### नेपथ्यम्
नेपथ्यम् नाटक के दृश्य के अनुसार अभिनेताओं के लिए परिवेश बनाया जाता है।

### आत्मगतम्
आत्मगतम् संवाद का वह प्रकार है जिसमें अभिनेता अपने विचार स्वयं में रखते हैं।

## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| संवाद | राजा और पुत्र के बीच की बातचीत। |
| शौर्य | सर्वदमन के साहस का अभिव्यक्ति। |

## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| गान्धर्व विवाह | प्रेम तथा सहमति से हुआ विवाह। |
| शाप | ऐसा अनुशासन जो किसी व्यक्ति को याद नहीं रखने के लिए बाधित करता है। |

## Important Points for Revision

* पाठ कालिदास की कृति से लिया गया है।
* राजा दुष्यन्त शकुन्तला के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हैं।
* सर्वदमन का साहस नाटक का मुख्य विषय है।
* प्रमुख संवादों में भावनाओं की गहराई व्यक्त की गई है।
* नेपथ्य और आत्मगतम् के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण परिभाषाएँ दी गई हैं।
* शकुन्तला और सर्वदमन के बीच का संबंध नाटक के मुख्य आधार हैं।
* संवादों के माध्यम से चरित्रों की निपुणता को प्रदर्शित किया गया है।
* नाटक का संपूर्ण संदेश प्रेम और परिवार के पुनर्मिलन के बारे में है।

## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. पाठ किस कवी की कृति से लिया गया है?
2. सर्वदमन किस प्रकार के कार्यों में लिप्त था?
3. दुष्यन्त को अपने पुत्र का ध्यान क्यों आया?
4. तापसी ने बालक के साथ खेलते समय क्या किया?
5. मुख्य पात्रों के संवादों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

### Long Answer Questions
1. दुष्यन्त और शकुन्तला के मध्य संवादों का विश्लेषण करें।
2. सर्वदमन के शौर्य का उदाहरण दें।
3. नाटक की मूल कथा और इसके आधुनिक संदर्भ का विवरण करें।

## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 6a17dbe9ce239659179dfb18 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-veer-srvdmn |
| Markdown URL | https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-veer-srvdmn.md |
