---
type: "Chapter"
knowledge_type: "chapter"
entity_type: "chapter"
id: "6a17dccdce239659179f3831"
title: "यद्भूतहितं तत्सत्यम्"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 11"
subject: "Sanskrit"
book: "Bhaswati"
chapter: "यद्भूतहितं तत्सत्यम्"
chapter_slug: "ydbhoothit-ttstym"
canonical_url: "https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-ydbhoothit-ttstym"
markdown_url: "https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-ydbhoothit-ttstym.md"
source_type: "examSubjectBookChapter"
source_id: "6a17dccdce239659179f3831"
source_pdf: "https://edzy-ai.s3.ap-south-1.amazonaws.com/edzy-express-ts/b3ef9852-2b80-4144-8286-e807eaeca403.pdf"
source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
---

# यद्भूतहितं तत्सत्यम्

प्रस्तुत कथा विश्वप्रसिद्ध संस्कृत कथाकार आचार्य केशवचन्द्र दाश लिखित कथासंग्रह से सङ्कलिता कृता अस्ति। भारतवर्षे प्राचीनकालात् एव दादा-दादी तथा नाना-नानी कथाः प्रचलिताः सन्ति। परम्परागतरीत्या लिखिताः एताः कथाः बालपाठकानां मानसिकसंस्कारनिर्माणे समर्थाः भवन्ति।

---

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 11 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Bhaswati |
| Chapter | यद्भूतहितं तत्सत्यम् |
| Pages | 51-57 |

---

## Chapter Summary

### Short Summary
इस कथा में मुनि और बालक कृष्ण के द्वारा सत्य और मिथ्या के बीच संवाद में सत्य का महत्व दर्शाया गया है।

### Detailed Summary
एक ग्राम में एक पुष्करिणी थी जहां लोग स्नान और अन्य कार्य करते थे। वहां एक मुनि रहते थे, जो जनों को उपदेश देने का प्रयास करते थे। एक दिन मुनि ने देखा कि कुछ लोग एक बालक को मार रहे हैं। मुनि ने बालक से पूछा कि क्या वह सत्य कहता है। बालक ने कहा कि वह केवल अपना मन का कहता है। मुनि ने बालक को प्रेरित किया कि वह ग्राम वालों से कहे कि वहां एक बड़ा मत्स्य है। अंत में जब लोग मत्स्य की खोज करते हैं तो उन्हें पता चलता है कि वे मिथ्या के बजाय सत्य की रेखा पर हैं। इससे यह संदेश मिलता है कि कभी-कभी हित की बातें भी सत्य बन जाती हैं।

---

## Topic-Wise Explanation

### कथा का परिचय
कथा का उद्देश्य भारतीय परंपरा में सत्य के महत्व को दर्शाना है।

### पुष्करिणी का महत्व
पुष्करिणी ग्राम के जीवन का अभिन्न हिस्सा है जो स्वास्थ्य और स्वच्छता का प्रतीक है।

### मुनि की चिंताएँ
मुनि की चिंता ग्रामवासियों के स्वास्थ्य और जल की सफाई की थी।

### बालक कृष्ण की भूमिका
कृष्ण ने सत्य को प्रकट करने में मुनि की मदद की है।

### मत्स्य की खोज
मत्स्य की खोज ने ग्रामवासियों को सतर्क किया और सत्य की ओर conducción दिया।

### सत्य का अंतर्निहित संदेश
कथा का अंतर्निहित संदेश है कि सत्य और हित का संबंध बहुत मजबूती से जुड़ा हुआ है।

---

## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| सत्य | सत्य का अर्थ केवल सत्य कथन नहीं, बल्कि वह कथन जो हित में हो। |

---

## Important Points for Revision

* कथा का मुख्य पात्र मुनि है।
* मुनि ने बालक कृष्ण से संवाद किया।
* पुष्करिणी का महत्व स्वास्थ्य से जुड़ा है।
* सत्य और मिथ्या के बीच का भेद दिखाया गया है।
* अध्याय में मुनि की चिंता का विषय ग्रामवासियों का स्वास्थ्य है।
* कहानी का एक प्रमुख संदेश हितकारी सत्य है।
* भाईचारे और एकता का महत्त्व बताया गया है।
* कथा का अंत सकारात्मक संदेश देता है।

---

## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. पुष्करिणी का क्या महत्व है?
2. मुनि की चिंताएँ क्या थीं?
3. बालक कृष्ण ने क्या कहा?
4. सत्य का क्या मतलब है?
5. कहानी में मुनि का कार्य क्या था?

### Long Answer Questions

1. इस कथा में मुनि और बालक कृष्ण के बीच संवाद का महत्व स्पष्ट करें।
2. किस प्रकार मुनि ने ग्रामवासियों को सचेत किया?
3. सत्य और हित के संबंध को कैसे दर्शाया गया है?

---

## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 6a17dccdce239659179f3831 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-ydbhoothit-ttstym |
| Markdown URL | https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-11-sanskrit-bhaswati-ydbhoothit-ttstym.md |
