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title: "सौवर्णशकटिका"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
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subject: "Sanskrit"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# सौवर्णशकटिका

महाकवि शूद्रक-प्रणीत मृच्छकटिक प्रकरण तत्कालीन समाज का दर्पण माना जाता है। यह नाट्यकृति धनहीन ब्राह्मण चारुदत्त तथा गणिका वसन्तसेना की प्रणयकथा पर आधारित है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 11 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Shashwati |
| Chapter | सौवर्णशकटिका |
| Pages | 18-23 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
यह नाट्यांश मृच्छकटिक के छठे अंक से लिया गया है, जिसमें शिशु मन की इच्छा और वात्सल्यमयी वसन्तसेना का चित्रण है।

### Detailed Summary
रहस्य से भरे इस नाट्यांश में धनहीन ब्राह्मण का बेटा रोहसेन, पड़ोसी बच्चे की सोने की गाड़ी देख परेशान हो जाता है। दासी रदनिका उसे समझाने की कोशिश करती है, पर वह अपने मन की जिद पर बना रहता है। अंततः, वसन्तसेना बच्चे को अपने आभूषण देते हुए कहती हैं कि वह उनसे सोने की गाड़ी बनवाए। यह दृश्य बच्चों की मासूमियत और नारी की वात्सल्य भावना को उजागर करता है।

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## Topic-Wise Explanation

### धनहीन ब्राह्मण और गणिका की प्रणयकथा
प्रस्तुत नाट्यकृति में चारुदत्त और वसन्तसेना की प्रेम कहानी समाज की विडंबनाओं को दर्शाती है।

### शिशु की इच्छा
बच्चे की सोने की गाड़ी पाने की चाहत उसके मन में अद्वितीय भावनाएँ उत्पन्न करती है।

### वसन्तसेना का वात्सल्य
वसन्तसेना का अपने आभूषण बच्चे को देना, उसकी स्नेह और वात्सल्य को दर्शाता है।

### नाटक के भावार्थ
नाटक में निहित सामाजिक समस्याएँ, जैसे धन, कुरीतियाँ और न्यायालय का पक्षपाती व्यवहार, को उजागर किया गया है।

### सामाजिक समस्याएँ
इस नाट्यांश में समाज में व्याप्त कुरीतियों और अराजकताओं का विशेष उल्लेख है।

### शिशु और सामर्थ्य
शिशु की आंतरिक इच्छाएँ और उसके पालन-पोषण में मातृत्व की भूमिका को इस नाटक में चित्रित किया गया है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| प्रेम की शक्ति | प्रेम के माध्यम से सामाजिक बुराइयों का मुकाबला किया जा सकता है। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| वात्सल्य | मातृत्व या स्नेह भाव। |

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## Important Points for Revision

* नाट्यकृति मृच्छकटिक का महत्व।
* चारुदत्त और वसन्तसेना का प्रेम संबंध।
* बच्चों की मासूमियत का चित्रण।
* सामाजिक कुरीतियों का उल्लेख।
* वसन्तसेना का वात्सल्य।
* धनहीनता की समस्याएँ।
* शिशु की इच्छाओं का महत्व।
* न्याय प्रणाली में पक्षपात।

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## Vocabulary and Glossary

| Word / Phrase | Meaning |
| :--- | :--- |
| दारकम् | बालकम्, बच्चे को। |
| शकटिकया | गाड़ी के द्वारा। |
| सौवर्णशकटिकाम् | सोने की गाड़ी को। |
| विनोदयामि | बहलाती हूँ। |
| उपसर्पिष्यामि | पास पहुँचती हूँ। |

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## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. सौवर्णशकटिका किस नाटक का नाट्यांश है?
2. रोहसेन किस चीज़ को देखकर परेशान हो जाता है?
3. वसन्तसेना ने बच्चे को क्या दिया?
4. रदनिका का क्या प्रयास था?
5. नाट्यांश में कौन से सामाजिक मुद्दों का उल्लेख किया गया है?

### Long Answer Questions

1. चारुदत्त और वसन्तसेना के प्रेम संबंध का सामाजिक संदर्भ में विश्लेषण करें।
2. शिशु की इच्छा और उसका भावार्थ नाट्यांश में कैसे प्रस्तुत किया गया है?
3. वसन्तसेना के वात्सल्य का नृत्य में क्या महत्व है?
4. न्यायालय में पक्षपाती व्यवहार का नाटक में कैसे चित्रण किया गया है?

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## Related Concepts

| Concept | Description |
| :--- | :--- |
| मृच्छकटिक | शूद्रक द्वारा रचित एक प्रसिद्ध नाटक। |

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 6a17de95703f0db7fcb0d356 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-11-sanskrit-shashwati-sauvrnshktika |
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