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source: "Edzy"
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last_updated: "2026-06-20"
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# Sangeet ke pramukh  kalaakaaron ka parichay va yogdaan
यह अध्याय भारतीय संगीत के प्रमुख कलाकारों के जीवन और योगदान का परिचय देता है। इसमें विभिन्न कालों में संगीत को संवर्धित करने वाले कुछ महत्वपूर्ण गायक और वादक का उल्लेख किया गया है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 12 |
| Subject | Sangeet |
| Book | Hindustani Sangeet Gayan Evam Vadan |
| Chapter | Sangeet ke pramukh  kalaakaaron ka parichay va yogadaan |
| Pages | 152-166 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
यह अध्याय निसार हुसैं खाँ, अहमद जाि नथरकवा, उस्ताद नबनस्मललाह खाँ, पंनि कंठे महाराज, स्वामी पागल दास, पंनि कुमार गंधव्व, और पंनि नवषु ददगंिर पलुस्कर जैसे महान संगीतकारों के योगदान के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

### Detailed Summary
इस अध्याय में भारतीय संगीत के प्रमुख कलाकारों का जीवन-वृत्त और उनके द्वारा संगीत में किए गए योगदान का विस्तृत वर्णन किया गया है। निसार हुसैं खाँ का जन्म 1860 में हुआ था, और वे रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध गायक थे। अहमद जाि नथरकवा एक महान तबला वादक थे जिनका जन्म 1891 में हुआ और जिन्होंने कई पुरस्कार हासिल किए। उस्ताद नबनस्मललाह खाँ ने 1947 में लाल किले पर शाही वादन कर स्वतंत्रता का जश्न मनाया। पंनि कंठे महाराज दिल्ली में प्रसिद्द तबला वादक थे, जबकि स्वामी पागल दास ने पखावज़ में अपनी विशेष पहचान बनाई। कुमार गंधव्व ने लोक गायकी को प्रोत्साहित किया। नवषु ददगंिर पलुस्कर ने भारतीय संगीत को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सभी संगीतकार अपनी-अपनी विधाओं में उल्लेखनीय योगदान देकर भारतीय संगीत की धारा को समृद्ध किया।

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## Topic-Wise Explanation

### निसार हुसैं खाँ का परिचय
निसार हुसैं खाँ रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे, जिनका जन्म 12 दिसंबर 1860 को हुआ।

### अहमद जाि नथरकवा का जीवन
अहमद जाि नथरकवा का जन्म 1891 में मुरादाबाद में एक संगीतकार परिवार में हुआ। इनके पिता एक प्रसिद्ध सारंगी वादक थे।

### उस्ताद नबनस्मललाह खाँ का योगदान
उस्ताद नबनस्मललाह खाँ का जन्म 21 मार्च 1916 को हुआ। उन्होंने 1947 में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर शाही वादन किया।

### पंनि कंठे महाराज की उपलब्धियाँ
पंनि कंठे महाराज का जन्म 1880 में वाराणसी में हुआ। वे बनारस घराने के प्रसिद्ध तबला वादक थे।

### स्वामी पागल दास का संगीत जीवन
स्वामी पागल दास का जन्म 15 अगस्त 1920 को हुआ। वे पखावज़ के प्रमुख वादक के रूप में जाने जाते हैं।

### कुमार गंधव्व का योगदान
कुमार गंधव्व का जन्म 8 अप्रैल 1924 को हुआ, और वे शास्त्रीय और लोक संगीत में योगदान देने वाले प्रसिद्ध गायक थे।

### पंनि नवषु ददगंिर पुसकर का कार्य
पंनि नवषु ददगंिर पलुस्कर का जन्म 18 अगस्त 1872 को हुआ। उन्हें भारतीय संगीत को आम लोगों में लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| भारतीय संगीत का विकास | इस अध्याय में विभिन्न कलाकारों के योगदान से भारतीय संगीत की धारा कैसे विकसित हुई, यह दर्शाया गया है। |

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## Important Points for Revision

* निसार हुसैं खाँ की प्रारंभिक शिक्षा उनके पिता से हुई।
* अहमद जाि नथरकवा ने 1936 में रामपुर दरबार में दरबारी संगीतकार के रूप में कार्य किया।
* उस्ताद नबनस्मललाह खाँ ने हर स्वतंत्रता दिवस पर शाही वादन प्रस्तुत किया।
* पंनि कंठे महाराज ने 1961 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया।
* स्वामी पागल दास ने पखावज़ को नया पहचान दिलवाई।
* कुमार गंधव्व ने लोक संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया।
* पंनि नवषु ददगंिर पलुसकर ने संगीत को सरल बनाने में योगदान दिया।

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## Source Attribution

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| Source | Edzy |
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