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title: "कं शब्दशासनं कर्तव्यम्"
board: "CBSE"
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subject: "Sanskrit"
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source: "Edzy"
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last_updated: "2026-06-20"
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# कं शब्दशासनं कर्तव्यम्

यह पाठ महर्षि पतञ्जलि विरचित महाभाष्य से उद्धृत है। इसमें शब्दों के अनुशासन का वर्णन किया गया है। इस पाठ में वर्णन किया गया है कि हमें कैसे शब्दों का उपदेश करना चाहिए।

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 12 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Shashwati |
| Chapter | कं शब्दशासनं कर्तव्यम् |
| Pages | 97-110 |

## Chapter Summary

### Short Summary
यह पाठ शब्दानुशासन की आवश्यकता एवं विभिन्न प्रकार के शब्दोपदेश पर आधारित है।

### Detailed Summary
पाठ में वर्णित है कि शब्दों का उपदेश कैसे किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी चर्चा होती है कि अपशब्दों का उपदेश कब और किस प्रकार से करना आवश्यक है। इसमें बृहस्पति तथा इन्द्र के संवाद द्वारा शब्दों के अनुशासन के महत्व को दर्शाया गया है। इसके अलावा, पाठ में अभक्ष्यप्रतिषेध, अपभ्रंश, आदि विषयों पर भी प्रकाश डाला गया है।

## Topic-Wise Explanation

### शब्दानुशासन का परिचय
शब्दानुशासन के अंतर्गत यह बताया गया है कि शब्दों की गंभीरता और उनके सही प्रयोग का ज्ञान होना आवश्यक है।

### शब्दोपदेश का प्रकार
यहाँ शब्दों एवं अपशब्दों के उपदेश का विश्लेषण किया गया है।

### अभक्ष्यप्रतिषेध और भक्ष्य नियम
भक्ष्य और अभक्ष्य के नियमों का वर्णन करना और उनके प्रतिषेध को स्पष्ट करना आवश्यक है।

### शब्दों का अपभ्रंश
शब्दों के अपभ्रंश का प्रयोग वर्णित किया गया है, जैसे गौर्य का अपभ्रंश गोणी आदि।

### शब्दप्रतिपत्तौ प्रतिपाठ
यहाँ शब्दों की सही पहचान और परिचय की चर्चा होती है।

### उत्सर्ग और अपवाद
जब शब्दों का उत्सर्ग होता है, तब उनकी विशेषता भी स्पष्ट होनी चाहिए।

### शब्दार्थों का विवरण
शब्दों के अर्थों का वर्णन करना अतिआवश्यक है।

## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| शब्दानुशासन | शब्दों का अनुशासन और उनका सही प्रयोग आवश्यक है। |

## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| अभक्ष्य | जो नहीं खाया जा सकता। |
| अपभ्रंश | शब्द का विकृत रूप। |
| प्रतिपत्तौ | शब्दों का ज्ञान। |

## Important Points for Revision

* शब्दों का उपदेश आवश्यक है।
* अपशब्दों का उपदेश भी उचित है।
* शब्दों का अनुशासन महाभाष्य से उद्धृत है।
* अभक्ष्यप्रतिषेध के नियमों को समझना आवश्यक है।
* शब्दों के अपभ्रंश को ध्यान में रखना चाहिए।
* शब्दों का सही प्रयोग ही ज्ञान का आधार है।
* वाक्य में शब्दों का सही स्थान आवश्यक है।
* पाणिनि की व्याकरण प्रणाली का ज्ञान होना चाहिए।

## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. शब्दोपदेश क्या है?
2. अभक्ष्यप्रतिषेध का क्या अर्थ है?
3. अपभ्रंश के उदाहरण क्या हैं?
4. शब्दानुशासन का क्या महत्व है?
5. बृहस्पति और इन्द्र के संवाद में क्या दर्शाया गया है?

### Long Answer Questions

1. शब्दों के अनुशासन और उनके नियमों की व्याख्या करें।
2. अपशब्दों का उपदेश कब करना चाहिए, इसका स्पष्टीकरण करें।
3. शब्दों के अपभ्रंश के विभिन्न उदाहरणों को समझाएं।

## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 6a17f0785d2b10c171c3d5ec |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-12-sanskrit-shashwati-k-shbdshasn-krtvym |
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