---
type: "Chapter"
knowledge_type: "chapter"
entity_type: "chapter"
id: "6a17f0665d2b10c171c3bf9a"
title: "योगस्य वैशिष्ट्यम्"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 12"
subject: "Sanskrit"
book: "Shashwati"
chapter: "योगस्य वैशिष्ट्यम्"
chapter_slug: "yogsy-vaishishtym"
canonical_url: "https://www.edzy.ai/cbse-class-12-sanskrit-shashwati-yogsy-vaishishtym"
markdown_url: "https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-12-sanskrit-shashwati-yogsy-vaishishtym.md"
source_type: "examSubjectBookChapter"
source_id: "6a17f0665d2b10c171c3bf9a"
source_pdf: "https://edzy-ai.s3.ap-south-1.amazonaws.com/edzy-express-ts/1bf22f66-070e-4fbc-9d1b-533520ea7bc3.pdf"
source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
---

# योगस्य वैशिष्ट्यम्

प्रस्तुत पाठ पतञ्जलि रचित योगसूत्र पर आधारित है। जिसमें योगाभ्यास के माध्यम से जीवन को संयमित बनाने के लिए शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक रूप से विशिष्ट उपायों का उल्लेख किया गया है तथा योग के विभिन्न स्वरूपों का लक्षण वर्णन किया गया है। प्रस्तुत पाठ का संवाद के माध्यम से रोचक रूप में विवेचन किया गया है। पाठ में निहित विषयवस्तु छात्रों के बहुमुखी विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है।

---

## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 12 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Shashwati |
| Chapter | योगस्य वैशिष्ट्यम् |
| Pages | 89-96 |

---

## Chapter Summary

### Short Summary
प्रस्तुत पाठ में योगाभ्यास के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक पहलुओं पर चर्चा की गई है।

### Detailed Summary
प्रस्तुत पाठ में पतञ्जलि के योगसूत्रों का उल्लेख किया गया है। पाठ में योगशिक्षा के महत्व और योग से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं का विस्तृत वर्णन किया गया है। छात्रों को योगाभ्यास के माध्यम से जीवन को किस प्रकार संयमित किया जाए, इस विषय पर विचार प्रस्तुत किया गया है। संवादात्मक रूप में छात्रों और योगाचार्य के बीच चर्चा होती है, जिसमें योग के विभिन्न अंगों तथा उनके लाभों पर संवाद होता है। अंत में, योगाचार्य छात्रों को योग का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करते हैं।

---

## Topic-Wise Explanation

### योगस्य परिचय
पाठ में योग के महत्व और दृष्टिकोण को बताया गया है।

### चित्तवृत्तिनिरोध
योगाचार्य ने चित्तवृत्तियों के नियंत्रण के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की। यह विषय पाठ में महत्वपूर्ण है।

### प्रमाण
प्रमाण के प्रकार जैसे प्रत्यक्ष, अनुमान और आगम का उल्लेख किया गया।

### विपर्यय
विपर्यय का अर्थ मिथ्या ज्ञान है, जिसे पाठ में स्पष्ट किया गया है।

### विकल्प
विकल्प का अर्थ शब्दज्ञानानुपाती वस्तुशून्यता है।

### योगाङ्गानि
योग के आठ अंगों का उल्लेख किया गया, जिनमें यम, नियम, आसन आदि शामिल हैं।

### यम
यम के अंतर्गत अहिंसा, सत्य, अस्तेय आदि के बारे में बताया गया।

### नियम
नियम में शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वरप्रणिधान का विवरण दिया गया।

---

## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| योगाभ्यास | जीवन के लिए संयमित रहना। |

---

## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| चित्तवृत्तिनिरोध | मानसिक स्थितियों का नियंत्रण। |
| योग के आठ अंग | यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। |

---

## Important Points for Revision

* योगाभ्यास का महत्व।
* चित्तवृत्तियों का नियंत्रण।
* प्रमाणों के प्रकार।
* यम और नियम के विवरण।
* योग के आठ अंगों का परिचय।

---

## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. योग के आठ अंग क्या हैं?
2. ‘विपर्यय’ का क्या अर्थ है?
3. चित्तवृत्तिनिरोध का महत्व क्या है?
4. यम में किन-किन तत्वों का समावेश है?
5. नियम के अंतर्गत कौन-कौन सी बातें आती हैं?

### Long Answer Questions
1. योगाभ्यास का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
2. चित्तवृत्तियों के प्रकारों का विवरण दें।
3. योग के आठ अंगों में से प्रत्येक का संक्षिप्त वर्णन करें।
4. योगाभ्यास के मानसिक और शारीरिक लाभों पर चर्चा करें।

---

## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 6a17f0665d2b10c171c3bf9a |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-12-sanskrit-shashwati-yogsy-vaishishtym |
| Markdown URL | https://www.edzy.ai/okf/chapter/cbse-class-12-sanskrit-shashwati-yogsy-vaishishtym.md |
