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title: "मैया मैं नहि माखन"
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chapter: "मैया मैं नहि माखन"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# मैया मैं नहि माखन
यह पाठ सूरदास की प्रसिद्ध कविता "मैया मैं नहीं माखन खायो" से है, जिसमें श्रीकृष्ण अपनी माता यशोदा से यह कह रहे हैं कि उन्होंने माखन नहीं खाया। इस कविता में श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का मनमोहक चित्रण किया गया है, जो उनकी भोली भाली छवि को उजागर करता है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 6 |
| Subject | Hindi |
| Book | Malhar |
| Chapter | मैया मैं नहीं माखन |
| Pages | 94-101 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
कविता में श्रीकृष्ण माँ यशोदा से कहते हैं कि वो माखन नहीं खा सकते क्योंकि वो छोटे हैं और उनके हाथ छुकी तक नहीं पहुँच सकते।

### Detailed Summary
कविता का आरंभ श्रीकृष्ण के यह कहने से होता है कि वे माखन नहीं खा रहे हैं। हर सुबह गायों के पीछे मधुबन भेजे जाने के बाद, वे चार पहर बंसीवट के आस-पास भटकते हैं और शाम को घर लौटते हैं। कविता में यशोदा की भोली भाली माँ का चित्रण है, जो श्रीकृष्ण पर भरोसा करती हैं। अंत में, सूरदास अपने अनुभवों को साझा करते हैं।

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## Topic-Wise Explanation

### कवि से परिचय
सूरदास 15वीं शताब्दी के प्रमुख कवि हैं, जिन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय श्रीकृष्ण के गुणगान में बिताया।

### कविता का अध्ययन
कविता में श्रीकृष्ण की मासूमियत और माता यशोदा का चित्रण होता है, जिसमें श्रीकृष्ण ने अपनी मासूमियत को दर्शाने के लिए तर्क दिए हैं।

### कविता की विशेषताएँ
कविता में प्रतीक और आलंकारिक भाषा का उपयोग हुआ है, जैसे तुर्क, जो कविता की अंतिम पंक्तियों में एक समान ध्वनि बनाता है।

### शब्दार्थ
कविता में विभिन्न शब्दों जैसे 'सोदा', 'पहर', 'लकुहट कमररया', आदि के अर्थ समझाए गए हैं।

### समय का माप
कविता में 'चार पहर' और अन्य समय की मात्राएँ दर्शाई गई हैं, जो समय की गणना में सहायक होती हैं।

### भाषा का विश्लेषण
कविता की भाषा सरल और हृदयस्पर्शी है, जो सीधे भावनाओं को व्यक्त करती है।

### सामाजिक और नैतिक शिक्षा
कविता में बच्चों को अपनी माता के प्रति प्रेम और विश्वास का संदेश दिया गया है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| मासूमियत | श्रीकृष्ण की ओर से अपनी मासूमियत को प्रकट करना। |
| मातृत्व | यशोदा का श्रीकृष्ण के प्रति स्नेह और विश्वास। |

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## Important Points for Revision

* श्रीकृष्ण का माखन न खाना।
* गायों की देखभाल करना।
* यशोदा का भोला स्वभाव।
* कविता में समय का माप।
* सूरदास का योगदान।
* तुर्क का अर्थ और उपयोग।
* शब्दार्थ का महत्व।
* कविता की भावनात्मक गहराई।

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## Practice Questions

### Short Answer Questions
1. श्रीकृष्ण ने माँ से क्या कहा?
2. कविता में किस चीज़ का वर्णन किया गया है?
3. 'पहर' का अर्थ क्या है?
4. श्रीकृष्ण कितने समय तक भटकते थे?
5. यशोदा का स्वभाव कैसा था?

### Long Answer Questions
1. कविता के प्रमुख तत्वों का विश्लेषण करें।
2. सूरदास के काव्य की विशेषताओं के बारे में लिखें।
3. इस कविता के सामाजिक और नैतिक शिक्षा पर चर्चा करें।

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## Source Attribution

| Field | Value |
| :--- | :--- |
| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 69bd1e935fbc9e395ac363b9 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-6-hindi-malhar-maiya-mai-nhi-makhn |
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