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title: "आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्‍थः महान्रिपुः"
board: "CBSE"
curriculum: "CBSE"
class: "Class 6"
subject: "Sanskrit"
book: "Deepakam"
chapter: "आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्‍थः महान्रिपुः"
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source: "Edzy"
version: 1
last_updated: "2026-06-20"
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# आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्‍थः महान्रिपुः

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थः महान्रिपुः यह पाठ आलस्य के खतरे और इसके प्रभाव को समझने का प्रयत्न करता है। यह पाठ एक संवाद शैली में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें आलस्य के शत्रु के रूप में वर्णन किया गया है, जिससे सफलता की दिशा में व्यक्तियों के प्रयासों के महत्व को उजागर किया गया है।

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## Knowledge Snapshot

| Field | Details |
| :--- | :--- |
| Class | Class 6 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Deepakam |
| Chapter | आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्‍थः महान्रिपुः |
| Pages | 141-151 |

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## Chapter Summary

### Short Summary
यह पाठ आलस्य को मनुष्य का एक बड़ा शत्रु बताता है और हमें उद्यम तथा श्रम के महत्व को समझाता है। इसके जरिए यह संदेश दिया गया है कि आलस्य से दूर रहकर ही हम सफलता की ओर बढ़ सकते हैं।

### Detailed Summary
इस पाठ में संवाद के माध्यम से आलस्य के महत्व और इसके नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की गई है। आलस्य केवल एक भावना नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की प्रगति के लिए एक बड़ा बाधक है। इसे शत्रु के रूप में वर्णित किया गया है। पाठ के पात्र इस बात पर जोर देते हैं कि सफलता पाने के लिए हमें आलस्य से लड़ना होगा और लगातार प्रयास करते रहना होगा। आलस्य से बचने के उपायों एवं प्रेरक विचारों का उल्लेख भी किया गया है।

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## Topic-Wise Explanation

### आलस्यं – परिभाषा
आलस्य वह स्थिति है, जिसमें व्यक्ति किसी कार्य को करने में रुचि या प्रेरणा नहीं रखता। इसका नकारात्मक प्रभाव जीवन में व्यापक रूप से महसूस किया जाता है।

### उद्यम का महत्व
उद्यम, अर्थात् प्रयास, हर सफलता की कुंजी है। निरंतर प्रयास करने से ही व्यक्ति अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ सकता है।

### श्रम का महत्व
श्रम का महत्व इस पाठ में अत्यधिक उच्च है। यह बताया गया है कि बिना श्रम के कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता। श्रम ही सफलता की सीढ़ी है।

### सफलता के मार्ग
सफलता के मार्ग पर चलने के लिए आलस्य को छोड़ना जरूरी है। इसके लिए दृढ़ता और स्थिरता की आवश्यकता होती है।

### आलस्य के प्रभाव
आलस्य व्यक्ति को न केवल असफल बनाता है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यह समाज में भी नकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करता है।

### महान व्यक्ति और आलस्य
महान व्यक्तियों ने हमेशा आलस्य को पराजित किया है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि मेहनत और दृढ़ता से ही बड़ी सफलताएँ प्राप्त की जा सकती हैं।

### आलस्य का समाधान
आलस्य को दूर करने के लिए नियमित कार्य योजना बनाना, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाना आवश्यक है। यह पाठ आलस्य को नियंत्रित करने के लिए प्रेरणादायक उपाय भी पेश करता है।

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## Core Ideas

| Idea | Explanation |
| :--- | :--- |
| आलस्य एक बाधक है | आलस्य व्यक्ति को उसकी संभावनाओं से दूर रखता है। |
| उद्यम आवश्यक है | बिना प्रयास के कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। |

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## Key Concepts

| Concept | Meaning |
| :--- | :--- |
| आलस्य | निरंतर प्रयास की कमी जो सफलता में रुकावट डालती है। |
| उद्यम | सक्रिय प्रयास जो सफलताओं की ओर ले जाता है। |

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## Important Points for Revision

* आलस्य को मुख्य शत्रु माना गया है।
* सफलताएँ केवल निरंतर प्रयास से ही प्राप्त होती हैं।
* श्रम का महत्व इस पाठ में विशेष रूप से उजागर किया गया है।
* महान व्यक्तियों का प्रेरणादायक उदाहरण दिया गया है।
* आलस्य के नकारात्मक प्रभावों की चर्चा की गई है।
* आलस्य से बचने के उपाय बताये गए हैं।
* पाठ संवाद शैली में प्रस्तुत किया गया है।
* जीवन में आलस्य के प्रभाव को समझाया गया है।

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## Practice Questions

### Short Answer Questions

1. आलस्य को क्यों शत्रु माना गया है?
2. उद्यम का क्या महत्व है?
3. श्रम का क्या स्थान है सफलता में?
4. आलस्य के कुछ प्रभाव क्या हैं?
5. महान व्यक्तियों ने आलस्य से कैसे निपटा?

### Long Answer Questions

1. पाठ में आलस्य और उद्यम के बीच क्या संबंध है? वर्णन करें।
2. आलस्य के प्रभावों का विस्तार से वर्णन करें।
3. पाठ में दिए गए आलस्य निवारक उपायों को समझाएँ।

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## Source Attribution

| Field | Value |
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| Source | Edzy |
| Reference Type | examSubjectBookChapter |
| Reference ID | 69be352fe6892dee081391b7 |
| Canonical URL | https://www.edzy.ai/cbse-class-6-sanskrit-deepakam-aalsy-hi-mnushyana-shreersth-mhanripu |
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