ईदगाह
NCERT Class 11 Hindi Chapter 1: ईदगाह (Pages 1–22)
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Summary of ईदगाह
ईदगाह at a Glance
CBSE
Class 11
Hindi
Antra
1
1–22
6 study resources
ईदगाह Summary
ईदगाह कहानी ग्रामीण Muslim जीवन का एक सुंदर चित्रण प्रस्तुत करती है और यह बताती है कि कैसे अभाव और संघर्ष भी खुशियों का हिस्सा होते हैं। कहानी का मुख्य पात्र हामिद एक गरीब बच्चा है जो अपनी दादी के लिए एक चिमटा खरीदता है, जबकि उसके साथ अन्य बच्चे मिठाइयाँ और खिलौने खरीदते हैं। हामिद का चरित्र हमें यह सिखाता है कि असली खुशी भौतिक चीजों में नहीं, बल्कि दूसरों के लिए त्याग और सोच में होती है। कहानी की शुरुआत रमजान के पूरे तीस रोज़ों के बाद की ईद से होती है। हामिद, जिसका जीवन दुखों से भरा हुआ है, अपनी दादी के प्यार और देखभाल के बीच खुशी महसूस करता है। जब ईद का दिन आता है, तो गाँव में लोग ईदगाह की तैयारी कर रहे होते हैं। हामिद अपने दोस्तों के साथ उत्साह से मेलो की ओर बढ़ता है, लेकिन उसके पास केवल तीन पैसे हैं। इन पैसों के साथ वह खुद पर संयम रखता है और चाहता है कि वह अपनी दादी के लिए कुछ उपयोगी लाए। मेले में हामिद अपने दोस्तों के साथ खिलौनों और मिठाइयों को देखने के लिए ललचाता है। लेकिन उसकी सोच हमेशा अपनी दादी की भलाई पर केंद्रित रहती है। जब वह एक चिमटा देखता है, तो उसे याद आता है कि उसकी दादी की उंगलियाँ तवे से जल जाती हैं। हामिद सोचता है कि चिमटा खरीद कर वह अपनी दादी की सेवा कर सकता है। वह चिमटे के लिए दुकानदार से मोलभाव करता है और आखिरकार उसे खरीद लेता है। जब हामिद अपने दोस्तों से वापस आता है, तो उसके दोस्तों और अन्य बच्चों ने खिलौने और मिठाइयाँ खरीदी होती हैं। लेकिन हामिद का गर्व इस बात पर है कि उसने अपनी दादी के लिए एक उपयोगी चीज खरीदी है। जब वह घर पहुँचता है, तो उसकी दादी उसे गोद में उठाकर प्यार करती हैं। यह पल हामिद के लिए वास्तविक खुशी का क्षण बन जाता है। कहानी इस बात पर जोर देती है कि वास्तविक खुशी पैसे और भौतिक चीजों में नहीं है, बल्कि परिवार, प्रेम, और त्याग में है। हामिद ने साबित किया कि वह छोटे सहयोग के साथ भी बड़ा अर्थ रखता है। कहानी में हामिद का चरित्र एक प्रेरणा है जो बच्चों में सकारात्मकता और जिम्मेदारी का संदेश देता है।
