घर की याद
NCERT Class 11 Hindi Chapter 11: घर की याद (Pages 117–123)
Summary of घर की याद
Playing 00:00 / 00:00
घर की याद at a Glance
CBSE
Class 11
Hindi
Aroh
11
117–123
6 study resources
घर की याद Summary
'घर की याद' कविता में कवि भवानी प्रसाद मिश्र ने जेल में बिताए अपने समय के दौरान घर की याद का गहरा भाव प्रकट किया है। इस कविता में घर सिर्फ एक भौगोलिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भावनाओं और यादों का समुच्चय है। कवि की यादों में घर के विभिन्न घटक, जैसे परिवार के सदस्य, बचपन की यादें, और आंगन की हरियाली शामिल हैं। इन यादों के माध्यम से कवि ने जीवन की गहराइयों को समझने का प्रयास किया है। कवि की उद्घाटनकारी भावना घर के महत्व को उजागर करती है। जब मनुष्य अपने घर से दूर होता है, तो उसके भीतर एक अनजाना खालीपन होता है। यह खालीपन कवि की अभिव्यक्ति में स्पष्ट है। परिवार के सदस्य, जो कभी पास थे, अब केवल यादों में जीवित हैं। इस तरह दक्षिणा भी घर की अवधारणा को एक नैतिक और अनुभूति से भरे रूप में पेश किया गया है। कविता में दर्शाया गया है कि घर से दूर रहने का अनुभव कितना कठिन और पीड़ादायक होता है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि घर की यादें न केवल भौतिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी हमारे लिए महत्वपूर्ण होती हैं। घर की यादें हमें हमारे अतीत से जोड़ती हैं और हमें अपने मूल के प्रति जागरूक करती हैं। इसके अलावा, 'घर की याद' हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम किस प्रकार अपने जीवन में मानवीय संबंधों और परिजनों के साथ जुड़े हुए हैं। यह कविता हमें यह भी बताती है कि घर की भावना केवल एक भौतिक स्थान नहीं है, बल्कि वह एक गहरा अनुभव है जो हमारे जीवन की हर अवस्था में हमारे साथ रहता है। कवि की इस रचना में हमें भावनाओं का एक समुद्र देखने को मिलता है जिसे हम रोजाना अनुभव करते हैं। घर की चिंतनशीलता हमें हमारे जीवन की जड़ों से जोड़ती है। यह कविता न केवल एक व्यक्तिगत अनुभव है, बल्कि यह सामूहिक भावना को व्यक्त करती है जो हर व्यक्ति अपने जीवन में महसूस करता है। कवि ने सरल और स्पष्ट भाषा का उपयोग किया है जिससे पाठक आसानी से इस भावनात्मक यात्रा में शामिल हो सकें।
