इस पाठ में प्रभाष जोशी ने मालवा की खाऊ-उजाड़ सभ्यता के संदर्भ में उसके जनजीवन, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय प्रभावितों का विश्लेषण किया है। लेखक ने बदलावों की तुलना की है और आधुनिक विकास के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है।
Author: प्रभाष जोशी
Chapter Summary
Playing 00:00 / 00:00
Download NCERT Chapter PDF for अपना मालवा—खाऊ-उजाड़ सभ्यता में – Latest Edition
Access Free NCERT PDFs & Study Material on Edzy – Official, Anytime, Anywhere
Challenge friends on the same chapter, answer fast, and sharpen your concepts in a focused 1v1 battle.
Why start now
Quick, competitive practice with instant momentum and zero setup.
प्रभाष जोशी का 'अपना मालवा—खाऊ-उजाड़ सभ्यता में' पाठ मालवा की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय चिंताओं पर गहन चर्चा करता है। यह पाठ विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करता है।
यह अध्याय सूरदास की झोंपड़ी की कहानी है, जिसमें सादगी और मानवता का चित्रण किया गया है। यह अध्याय हमें जिंदगी के असली मूल्यों और रिश्तों की अहमियत समझाता है।
Start chapterयह अध्याय बिस्कोहर की माटी की विशेषताओं और उसकी महत्ता को बताता है। इसमें भारतीय मिट्टी और उसकी कृषि में भूमिका का विस्तार से वर्णन किया गया है।
Start chapter