कं शब्दशासनं कर्तव्यम्
NCERT Class 12 Sanskrit Chapter 11: कं शब्दशासनं कर्तव्यम् (Pages 97–110)
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कं शब्दशासनं कर्तव्यम् at a Glance
CBSE
Class 12
Sanskrit
Shashwati
11
97–110
6 study resources
कं शब्दशासनं कर्तव्यम् Summary
इस पाठ में महर्षि पतञ्जलि द्वारा वर्णित शब्दों के अनुशासन पर चर्चा की गई है। यहाँ यह बताया गया है कि शब्दों का उपदेश कैसे किया जाना चाहिए और किस प्रकार हमें शब्दों के सही प्रयोग के लिए नियमों का पालन करना चाहिए। पाठ में यह भी वर्णित है कि अपशब्दों का उपदेश भी एक आवश्यक विषय है। इसके माध्यम से पाठक शब्दों के सही और गलत प्रयोग के महत्व को समझ पाते हैं। शब्दों के अनुशासन से पाठक न केवल सही शब्दों को पहचान पाते हैं बल्कि अपशब्दों से भी अपनी पहचान बना पाते हैं। महाभाष्य के उद्धरण के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि शब्द और उनकी उत्पत्ति का महत्व क्या है। पाठ में कर्णश्रवण की विशेषता का उल्लेख करते हुए यह बताया गया है कि श्रवण और उच्चारण दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। यहाँ यह भी बताया गया है कि शब्दों के अनुशासन में विभिन्न उदाहरणों का प्रयोग किया गया है, जैसे कि अभक्ष्य और भक्ष्य का भेद। पाठ में यह ध्यान देने योग्य है कि शब्दों के सही अनुशासन से व्यक्तित्व में निखार आ सकता है। शब्दों का ज्ञान और उनका सही अनुशासन न केवल व्यक्ति को सामाजिक व्यवहार में सशक्त बनाता है, बल्कि वह विद्या की ओर भी अग्रसर करता है। इस प्रकार, यह पाठ छात्रों को शब्द ज्ञान की महत्ता बताता है और उन्हें प्रेरित करता है कि वे अपने शब्दों के अनुशासन का पालन करें।
