हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
NCERT Class 6 Hindi Chapter 12: हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान (Pages 128–144)
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Summary of हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान at a Glance
CBSE
Class 6
Hindi
Malhar
12
128–144
6 study resources
हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान Summary
इस अध्याय में लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने अपने यात्रा अनुभवों के आधार पर मॉरिशस के बारे में विस्तार से बताया है। मॉरिशस एक ऐसा द्वीप है, जहाँ भारतीय संस्कृति की गहरी छाप दिखाई देती है। यहाँ की 67 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल की है, और यह द्वीप भारतीयों की मेहनत और संस्कृति का गवाह है। लेखक ने अपनी यात्रा के दौरान नैरोबली से मॉरिशस तक के सफर का विवरण दिया है। उन्होंने देखा कि कैसे भारतीय लोग यहाँ के कृषि क्षेत्र, विशेषकर गन्ने की खेती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारतीयों ने यहाँ अपने धर्म, संस्कृति, और परंपराओं को संरक्षित कर रखा है, और इसलिए मॉरिशस को छोटा हिंदुस्तान कहा जाता है। अध्याय में लेखक ने मॉरिशस के अद्भुत नजारों, यहाँ के नेशनल पार्क, और वन्य जीवन का अनुभव साझा किया, जो सफर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। उन्होंने यहाँ के बाघों और हिरनों के बारे में अपने अवलोकन को भी साझा किया, जो दर्शाते हैं कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के साथ एक जीवंत रिश्ता है। लेखक ने मॉरिशस में त्योहारों और धार्मिक समारोहों का भी उल्लेख किया है, जो भारतीय समुदाय की धार्मिक भावना को दर्शाते हैं। सभी जातियों और धर्मों के लोग यहाँ मिलकर सामाजिक धर्मनिष्ठा के साथ पर्व मनाते हैं। लेख के अंत में, लेखक ने यह बताया कि मॉरिशस में भारतीय संस्कृति इतनी प्रबल है कि वहाँ के हर गाँव में दशवाय जैसे अपर्ण चित्रित किए जाते हैं। उन्होंने प्रदर्शित किया है कि मौजूदा हालातों में भी लोग अपनी पुरानी परंपराओं को बनाए हुए हैं। इस अध्याय से छात्र न केवल मॉरिशस के भूगोल और संस्कृति को समझेंगे, बल्कि वे यह भी जानेंगे कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव अन्य देशों में कैसे फैला है। लेखक के अनुभव से यह भी समझा जा सकता है कि आज की पीढ़ी को अपनी परंपराओं को बनाए रखना कितना आवश्यक है। यह अध्याय अंतिम रूप से ऐसे सरल, सुंदर और अर्थपूर्ण अनुभवों से भरा है, जो पाठकों को यात्रा के माध्यम से ज्ञान और प्रेरणा प्रदान करता है। पाठ के माध्यम से छात्रों को यह भी सीखने का अवसर मिलता है कि अपने देश की संस्कृति कितनी ज़िंदा और गतिशील है, चाहे वे जहाँ भी रहें।
