जलाते चलो
NCERT Class 6 Hindi Chapter 7: जलाते चलो (Pages 60–74)
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जलाते चलो at a Glance
CBSE
Class 6
Hindi
Malhar
7
60–74
6 study resources
जलाते चलो Summary
इस अध्याय की कविता में कवि द्वारिकवा प्रसाद माहेश्वरी ने दीपों के द्वारा अंधकार को मिटाने का संदेश दिया है। कविता कहती है कि जब तक दीप जलते रहेंगे, तब तक अंधकार दूर होगा। यहाँ दीप का अर्थ केवल भौतिक प्रकाश नहीं, बल्कि उम्मीद और सकारात्मकता का प्रतीक भी है। कवि ने यह दर्शाया है कि युगों से दीप जलाए गए हैं, और यही दीप हमें सही दिशा में ले जाएंगे। जब कोई एक दीप जलता है, तो वह अकेला नहीं होता, बल्कि वह एक श्रृंखला बना देता है। हर जलता हुआ दीप एक नई उर्जा और प्रेरणा लाता है। कविता में यह भी बताया गया है कि हमें हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए और भलाई के कार्य करते रहना चाहिए। जो लोग अंधकार में हैं, अगर वे भी एक दीप जलाते हैं, तो यह न केवल उनका जीवन उजाला देगा, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा देगा। यह सोच हमें सिखाती है कि एक अकेला दीप भी अंधकार में आशा की किरण बन सकता है। कविता संवेदनाओं की गहराई में जाकर हमें यह सिखाती है कि हमारे छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं। यह संदेश हम सभी को प्रेरित करता है कि हमें अपने चारों ओर रोशनी फैलाने का प्रयास करना चाहिए। हर बार जब हम किसी की मदद करते हैं या किसी अच्छे कार्य में सहयोग देते हैं, तब हम उन दीपों को जलाते हैं जो अंधकार को मिटाते हैं। इस तरह से हमें यह समझ आ जाता है कि अगर हम मिलकर प्रयास करें, तो दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाया जा सकता है। अतः यह कविता अपने आप में जीवन के गहन सत्य को उद्घाटित करती है कि जब तक हम सच्ची निष्ठा और उम्मीद के साथ आगे बढ़ते रहेंगे, तब तक हमें अपने उद्देश्य में सफलता मिलेगी।
