माँ, कहो एक कहानी
NCERT Class 7 Hindi Chapter 1: माँ, कहो एक कहानी (Pages 1–13)
Summary of माँ, कहो एक कहानी
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माँ, कहो एक कहानी at a Glance
CBSE
Class 7
Hindi
Malhar
1
1–13
6 study resources
माँ, कहो एक कहानी Summary
कविता 'माँ, कह एक कहानी' मैथिलीशरण गुप्त द्वारा लिखी गई है। इसमें माँ यशोधरा और उनका बेटा राहल एक संवाद के माध्यम से कहानी सुनने की इच्छा व्यक्त करते हैं। यह कविता एक सरल लेकिन गहरी बातचीत है, जहाँ माँ अपने बेटे को रोचक कहानी सुनाने के लिए प्रेरित करती है। बातचीत में बच्चों की जिज्ञासा और माँ का प्यार झलकता है। राहल अपनी माँ से राजा-रानी की कहानी सुनने की जिद करता है। माँ उसे सुनाती हैं कि कैसे सुरम्य उपवन में विभिन्न फूल खिलते हैं और कैसे हंस पानी में गिर जाता है। जब इसका जिक्र होता है, तो संवाद में करुणा की भावना जागती है जब हंस का जिक्र होता है, जिससे यह समझ में आता है कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं। कहानी में पक्षी के आस-पास की घटनाएँ और उसके बाद का घटनाक्रम न्याय और करुणा की चर्चा करते हैं। ये मूल्य न केवल कहानी के माध्यम से परोसे जाते हैं, बल्कि बच्चों में सहानुभूति और नैतिकता का विकास भी करते हैं। जब आखेटक आता है, तो कहानी में नया मोड़ आता है। यहाँ पर माता-पिता के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का उल्लेख होता है जब वह अपने बच्चे की रक्षण की बात करते हैं। कविता में न्यायालय में हुई बहस और न्याय का निर्णायक क्षण महत्वपूर्ण है। राहल अपने माँ के सामने यह सवाल उठाता है कि कोई निर्दोष यदि आहत होता है, तो क्यों नहीं उसका रक्षण किया जाना चाहिए। उसकी यह जिज्ञासा बच्चों को यह सिखाती है कि सही और गलत के बीच का भेद क्या है। कुल मिलाकर, 'माँ, कह एक कहानी' केवल कहानियों की बात नहीं है, बल्कि यह जीवन के नैतिक मूल्यों की अनकही कहानी है। यह बच्चों को सोचने पर मजबूर करती है और उन्हें न्याय, दया और करुणा के महत्व को समझाती है। मैथिलीशरण गुप्त की यह रचना न केवल मनोरंजक है बल्कि शिक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बच्चों को कहानियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सिखाती है।
