क्या लिखूँ?
NCERT Class 9 Hindi Chapter 2: क्या लिखूँ? (Pages 30–44)
Listen to this article
Summary of क्या लिखूँ?
क्या लिखूँ? at a Glance
CBSE
Class 9
Hindi
Ganga
2
30–44
6 study resources
क्या लिखूँ? Summary
'क्या लिखूँ?' पाठ में लेखक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने लेखन की प्रक्रिया को समझाने का प्रयास किया है। उन्होंने लेखन के लिए आवश्यक प्रेरणा, सामग्री, और शिल्प पर चर्चा की है। लेखक ने बताया है कि जब कोई विषय चुनते हैं, तब उस पर विचार करने की आवश्यकता होती है। विषय की गहराई में जाने के लिए हमें अध्यापन करना चाहिए। देखा जाए तो लेखन एक चुनौती है, क्योंकि लेखकों को अपने विचारों को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना होता है। पाठ में लेखक ने विभिन्न प्रकार के लेखन, जैसे कि निबंध, कहानी, और समीक्षा की चर्चा की है। उन्होंने बताया है कि लेखन में अन्वेषण, विचार-विमर्श, और तैयारी की प्रक्रिया शामिल होती है। इसके अलावा, बख्शी ने यह भी कहा है कि सार्थक लेखन के लिए आवश्यक है कि लेखक के मन में उस विषय पर गहरा ज्ञान हो। उन्होंने एक उद्धरण का उल्लेख किया है, जहां ए.जेडी. गार्नर ने कहा कि लेखन एक मानसिक आवश्यकता है, इसमें विचार और भावनाओं का संचार होता है। पाठ में लेखक ने अपने अनुभवों के माध्यम से यह भी दर्शाया है कि लिखने में उत्साह और आत्मविश्वास कितना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, बख्शी ने 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' जैसे लोकोक्तियों का प्रयोग कर बताया है कि कैसे दूर से देखकर चीजें हमेशा बेहतर लगती हैं। उन्होंने समाज-सुधार पर भी विचार व्यक्त किए और इसे लेखन के माध्यम से प्रस्तुत करने की आवश्यकता समझाई। समाज-सुधार की दिशा में लेखन को प्रोत्साहित करना चाहिए। अंत में, लेखक ने यह सिद्धांत साझा किया कि लेखन केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह विचारों का प्रभावशाली प्रवाह है, जो पाठक के दिल और दिमाग को छू सकता है। इस प्रकार, 'क्या लिखूँ?' पाठ एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक है, जो हमें बताता है कि लेखन तो एक कला है, जो केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सही विचारों और भावनाओं के साथ सजाई जाती है।
