रीढ़ की हड्डी
NCERT Class 9 Hindi Chapter 6: रीढ़ की हड्डी (Pages 100–119)
Summary of रीढ़ की हड्डी
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रीढ़ की हड्डी at a Glance
CBSE
Class 9
Hindi
Ganga
6
100–119
6 study resources
रीढ़ की हड्डी Summary
अध्याय 'रीढ़ की हड्डी' में जगदीशचंद्र माथुर ने एक नाटकीय कथा के माध्यम से विवाह की प्रक्रिया में महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह और भेदभाव को उजागर किया है। कहानी की मुख्य पात्र उमा है, जो पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर महिला है। उसके माता-पिता उसकी शादी के लिए एक suitable वर की तलाश में हैं, लेकिन वे समाज की पारंपरिक धारणाओं में बंधे हैं। तर्क-वितर्क के माध्यम से उमा अपनी महत्वाकांक्षाओं को व्यक्त करती है और यह सवाल उठाती है कि क्या लड़कियों को केवल विवाह के लिए पढ़ाया जाता है। कहानी में विभिन्न पात्रों के संवादों में सामाजिक मुद्दों, जैसे लड़कियों की शिक्षा का महत्व और विवाह में उन्हें कितनी स्वतंत्रता मिलती है, का चिंतन है। रामस्वरूप, उमा के पिता, पहले तो रूढ़िवादी सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उमा की आत्मविश्वास से भरपूर बातें उन्हें सोचने पर मजबूर करती हैं। विवाह के लिए लड़की का 'योग्यता' और 'सौंदर्य' से अधिक महत्व होना चाहिए, इस विचार को इस में परिलक्षित किया गया है। इस लेखन में नाटकीयता और असंगतता को समझाने के लिए दिलचस्प संवादों का उपयोग किया गया है। पाठक उमा के मन में चल रही जद्दोजहद को महसूस कर सकते हैं, जहाँ एक ओर परिवार की अपेक्षाएँ हैं, वहीं दूसरी ओर उसके अपने सपने और लक्ष्य हैं। अंततः, उमा अपनी पहचान और स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ती है, जो उसे यह कहने पर मजबूर करती है कि शादी केवल एक औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। इस अध्याय का उद्देश्य न केवल विवाह व्यवस्था की आलोचना करना है, बल्कि इसे एक ऐसे स्वरूप में प्रस्तुत करना है जो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम वास्तव में अपने समाज में महिलाओं को उनके अधिकार और स्थान दे रहे हैं।"
