Samagra Svasthya (Yoga for Holistic Health)
NCERT Class 9 Physical Education and Well Being Chapter 21: Samagra Svasthya (Yoga for Holistic Health) (Pages 154–162)
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Summary of Samagra Svasthya (Yoga for Holistic Health)
Samagra Svasthya (Yoga for Holistic Health) at a Glance
CBSE
Class 9
Physical Education and Well Being
Khel Praveen
21
154–162
5 study resources
Samagra Svasthya (Yoga for Holistic Health) Summary
स्वास्थ्य का मतलब केवल बीमारी का न होना नहीं है। इसे संतुलन और समग्र भलाई की एक स्थिति के रूप में समझा जाना चाहिए। यह अध्याय हमें स्वास्थ्य की विभिन्न आयामों का ज्ञान देता है, जो शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक होते हैं। शारीरिक स्वास्थ्य का मतलब है कि हमारा शरीर सही ढंग से काम कर रहा है, हम पोषक तत्वों का सही अवशोषण कर रहे हैं और हमारी ऊर्जा का स्तर ठीक है। मानसिक स्वास्थ्य में हमारी सोच, भावनाएं और आत्म-सम्मान शामिल हैं। सामाजिक स्वास्थ्य का अर्थ है अच्छे रिश्तें बनाना और समाज में सक्रिय रहना। इसके अलावा, अध्याय यह भी बताता है कि स्वास्थ्य केवल बाह्य दृष्टि से नहीं बल्कि आंतरिक संतुलन से भी مرتبط होता है। इस परिप्रेक्ष्य से आयुर्वेद की शिक्षाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये हमें सिखाती हैं कि कैसे हम अपनी जीवनशैली और आदतों से स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। योग के अभ्यास से हम सभी आयामों में संतुलन प्राप्त कर सकते हैं। इसीलिए, हमें सिवानंद बाबा जैसे महान व्यक्तित्वों की प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने सरल और अनुशासित जीवन जीकर अपने स्वास्थ्य को बनाए रखा। अंत में, यह अध्याय जीवन के इस सिद्धांत पर प्रकाश डालता है कि एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने के लिए समग्र स्वास्थ्य का विचार आवश्यक है। हमें याद रखना चाहिए कि स्वास्थ्य की यह अवधारणा न केवल व्यक्तिगत बल्कि समाज और समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है। जब हम सब मिलकर स्वस्थ रहते हैं, तब हम अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को समझ सकते हैं और अच्छा नागरिक बन सकते हैं।