इस अध्याय में सन्धि के महत्व और प्रकारों का परिचय दिया गया है। यह व्याकरण की एक महत्वपूर्ण धारा है जो शब्दों के सही प्रयोग में सहायक होती है।
जो शब्द सन्धि के बिना बनते हैं, उन्हें क्या कहा जाता है?
शब्दों को जोड़ने के लिए सन्धि की आवश्यकता क्यों होती है?
संधि ज्ञात करने के लिए किन तत्वों का उपयोग किया जाता है?
संधि की पहचान में सहायक कौन से नियमों की आवश्यकता है?
कौन सी स्वर सन्धि शब्द 'रामो राजमणिः सम्राट' में है?
व्यंजन सन्धि में अभ्यस्त और वृद्धिसन्धि में अंतर क्या है?
व्यंजन सन्धि के आवेदन में हमें किसका ध्यान रखना चाहिए?
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द संलाप सन्धि का उदाहरण है?
निम्नलिखित में से किस सन्धि में व्यञ्जन का योग होता है?
निम्नलिखित में से कौन सी सन्धि 'ध्वनियों' के बीच होती है?
सन्धि प्रक्रिया में किन सन्दर्भों का ध्यान रखना चाहिए?
निम्नलिखित में से कौन-सी सन्धि एक बंधनात्मक सन्धि है?
निम्नलिखित में से कौन-सी सम्पूर्ण सन्धि की क्रिया है?
निम्नलिखित में किस सन्धि में आत्मीयता व्यक्त होती है?
उपसर्ग 'अ' से प्रारंभ होने वाली सन्धि का क्या नाम है?
सन्धि से उत्पन्न होने वाले स्वर की विशेषता क्या है?
कौन सी सन्धि में एक जैसे ध्वनियाँ सम्मिलित होती हैं?
चन्द्राकार स्वर के साथ आने पर कौन सी सन्धि बनती है?
उदाहरण के रूप में 'पुस्तक + आल्:' किस सन्धि का उदाहरण है?
स्वर सन्धि के अनुसार अ, इ, उ का क्या परिवर्तन होता है?