इस पाठ में वाच्य परिवर्तन की प्रक्रिया और उसके प्रकार समझाए गए हैं। यह अध्याय वाक्य निर्माण में सहायक है।
भाववाच्य 'फल खाया गया' में 'फल' किस प्रकार का वाच्य है?
'विद्यालय में छात्र पढ़ते' का सही कर्तृवाच्य क्या होगा?
कर्मवाच्ये 'गते' शब्दस्य प्रयोगः किमर्थं आवश्यकः अस्ति?
'कर्मवाच्यम्' वाच्यं प्रकटितम् आवश्यकम् कः निबन्धः अस्ति?
कर्मवाच्यं कस्य परिवर्तनस्य अवश्यम् आवश्यकतम् अस्ति?
'सि' धातुं कर्मवाच्यं अभिव्यक्तिम् वस्त्री कः उपलभ्यते?
वाच्य परिवर्तन में कर्तृ वाच्य का क्या अर्थ होता है?
किस वाच्य में क्रिया का धर्म कर्म पर निर्भर करता है?
लगने वाले संप्रदाय वाच्य के उदाहरण में क्या होता है?
किस वाक्य में वाच्य परिवर्तन की प्रक्रिया की आवश्यकता है?
‘रामेण वाच्यं पठ्यते’ में किस वाच्य का प्रयोग हुआ है?
‘तिमि: पुस्तकं पठति’ का सही कर्तृवाच्य रूप क्या होगा?
‘पतङ्गः उडति’ वाक्य का सही कर्तृवाच्य रूप क्या होगा?
‘समान्धिन धन्यवादति’ वाक्य का कर्तृवाच्य रूप क्या हो?
उदाहरण: 'रामेण गृहं गच्छति। ' इस वाक्य का रूप क्या है?
कर्मवाच्य में कर्ता की पहचान किस विभक्ति में होती है?
कौन सा वाक्य कर्मवाच्य के उदाहरण के रूप में सही है?
कर्मवाच्य के किस अंग में कर्ता की पहचान नहीं होती है?
रामः गच्छति। इसके भाववाच्य रूप में क्या लिखा जाएगा?
इस वाक्य का कर्तृवाच्य रूप क्या है: 'रामेण क्रीडन्ति'?
नीता ने गाना गाया। इस वाक्य का कर्तृवाच्य क्या होगा?
सः पुस्तकं कुर्यात्। इसके भाववाच्य रूप में क्या होगा?
इति मया शिष्यो: पठनं करोति। इसका कमतृवाच्य रूप क्या होगा?
वे बृहद् पुस्तकं पठनम्। इसका कर्तृवाच्य रूप क्या होगा?
दिए गए वाक्य में 'पुस्तकः पठ्यते' का वाच्य क्या है?
यदि वाक्य 'छात्रः वदति' को परिवर्तित करें तो क्या होगा?