भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है?
NCERT Class 11 Hindi Chapter 8: भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है? (Pages 95–108)
Summary of भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है?
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भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है? at a Glance
CBSE
Class 11
Hindi
Antra
8
95–108
6 study resources
भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है? Summary
भारतेंदु हरिश्चंद्र का यह प्रसिद्ध भाषण देशवासियों को उन्नति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। इसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन की मनमानी पर व्यंग्य करते हुए, समाज की आलसी प्रवृत्तियों और गलत जीवनशैली पर कठोर विचार किए हैं। हरिश्चंद्र ने माना कि आत्मबल और श्रम की महत्ता को समझकर ही भारत की उन्नति संभव है। इस भाषण में उन्होंने जनसंख्या-नियंत्रण, श्रम के मूल्य, और त्याग की भावना को उन्नति के लिए आवश्यक बताया है। यह भी कहा गया है कि जो लोग अपने सुखों का बलिदान करके आगे बढ़ेंगे, वे ही समाज में परिवर्तन लाएंगे। उन्होंने आलस्य को छोड़ने और खुद को जागरूक करने पर जोर दिया। भारत का हर नागरिक, चाहे वह किसी भी पेशे में हो, अपनी जिम्मेदारी समझे और देश की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सक्रियता से काम करे। हरिश्चंद्र ने इंग्लैंड के किसानों की मेहनत का उदाहरण देते हुए यह बताया कि वहाँ की प्रगति का रहस्य काम के साथ-साथ उन्नति की नई तकनीकों को अपनाने में निहित है। उनकी बातें आज भी हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने धार्मिकता और नैतिकता को भी प्रगति का मूल मानते हुए उनके बिना किसी भी सुधार को असंभव बताया है। कुल मिलाकर, यह भाषण उन्नति की दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान है।
