घर में वापसी
NCERT Class 11 Hindi Chapter 16: घर में वापसी (Pages 152–161)
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घर में वापसी at a Glance
CBSE
Class 11
Hindi
Antra
16
152–161
6 study resources
घर में वापसी Summary
'घर में वापसी' कविता धूमिल की महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक है, जिसमें सामाजिक और आर्थिक हालात के बीच मानवीय संबंधों की जटिलता को उजागर किया गया है। कविता की शुरुआत में कवि ने अपने परिवार को पाँच जोड़ी आँखों के माध्यम से प्रदर्शित किया है, जो रिश्तों की गहराई और आपसी जोड़तोड़ के प्रतीक हैं। ये आँखें केवल देखने के लिए नहीं, बल्कि भावनाओं और परेशानियों को भी सहन करने के लिए हैं। कवि बताता है कि उसकी माँ की आँखें तीर्थ-यात्रा के बस के पंचर पहियों के समान हैं, जो जीवन की यात्रा में ठहराव का प्रतीक हैं। वहीं, पिता की आँखें लोहसाँय की ठंडी शलाखें हैं, जो संघर्ष और असफलता का संकेत देती हैं। बेटी की आँखें मंदिर में जलते घी के दिए समान हैं, जो उम्मीद और रोशनी की प्रतीक हैं। पत्नी की आँखें हाथों के रूप में वर्णित की गई हैं, जो प्रेम और सहयोग को दर्शाती हैं, परन्तु साथ ही गरीबी की दीवार भी परिवार को साझा करने से रोकती है। कविता में रिश्तों की मजबूती और आपसी वार्तालाप की कमी का जिक्र किया गया है। कवि इस विवशता को रेखांकित करता है कि कैसे समाज और गरीबी के दबाव के चलते वे कभी-कभी अपने बंधनों को खोलने में असमर्थ होते हैं। रिश्ते वैसा खुलकर नहीं बोल पाते, जैसा कि वे चाहें। यह एक मौलिक मानवीय भ्रमण की पहेली है, जिसमें प्रेम और अपनत्व के बीच आर्थिक विपत्ति एक दीवार खड़ी कर देती है। कवि की शब्दों में एक गहरी भावुकता है, जिसमें वह यह चाहता है कि घर का माहौल स्नेह और सुरक्षा से भरा हो। यह कविता न केवल एक व्यक्तिगत अनुभव को दर्शाती है, बल्कि सभी उन परिवारों की स्थिति को भी प्रतिबिंबित करती है जो गरीबी से ग्रस्त हैं। 'घर में वापसी' का संपूर्ण विचार हमें एक बुनियादी प्रश्न पर सोचने के लिए मजबूर करता है कि क्या परिवार का अर्थ केवल साथ रहना है, कि इसे सच्चे प्रेम, विश्वास और सुरक्षा की भावना से परिभाषित किया जाना चाहिए। इस प्रकार, 'घर में वापसी' कविता हमें रिश्तों की गहराई और सामाजिक परिस्थिति पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करती है, यह दर्शाती है कि विचारों की बुनाई में प्यार और मानवता की बचत करनी चाहिए।
