आवारा मसीहा
NCERT Class 11 Hindi Chapter 2: आवारा मसीहा (Pages 15–50)
Summary of आवारा मसीहा
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आवारा मसीहा at a Glance
CBSE
Class 11
Hindi
Antral
2
15–50
6 study resources
आवारा मसीहा Summary
अध्याय 'आवारा मसीहा' में शरत् की जीवन की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण है, जो उसकी बाल्यावस्था को दर्शाती हैं। शरत् अपने मामा सुरेंद्र के साथ जाने का निर्णय लेते हैं, लेकिन मन में विदाई का दुख छुपाते हैं। बाग में जाते समय उनकी दोस्ती और आपसी बातचीत में चेहरे पर मुस्कान होती है उत्साह के साथ। बाग में पेड़ पर चढ़ते हुए शरत् अपने जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को जीता है। इसी दौरान उसके पिताजी मोतीलाल का वर्णन किया गया है, जो एक कलात्मक व्यक्ति थे लेकिन जीविका में असफल रहे। शरत् की माँ भुवनमोहिनी ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए भागलपुर ले जाने का निर्णय लिया। शरत् स्कूल में दाखिल होता है और उसकी पढ़ाई की कठिनाइयाँ भी सामने आती हैं। वह कठिन परिश्रम करके सफलता प्राप्त करता है और शिक्षा में उत्कृष्ट बन जाता है। यह उसके दृढ़ संकल्प और मेहनत का प्रतीक है। पुस्तकालय में जाने और साहित्य को पढ़ने का उसका शौक उसके अंदर गहरी सोच और संवेदनशीलता लाता है। इस अध्याय में उसकी शरारतें भी दर्शायी गई हैं, जैसे कि घड़ी को आगे पीछे करना और पेड़ पर चढ़ना। ये घटनाएँ उसकी बाल्यावस्था की मस्ती और चंचलता को दिखाती हैं। शरत् के व्यक्तित्व में विद्रोह और साहस की विशेषता है, वह अपने मन की बातों को व्यक्त करता है और अपने को दोस्तों का नेता मानता है। यह अध्याय न केवल उसकी युवावस्था के साहस का वर्णन करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे वह अपने शौक और रुचियों के साथ-साथ शिक्षा में भी सफल होता है। कुल मिलाकर, 'आवारा मसीहा' पाठ हमें यह समझाता है कि शरत् का जीवन विभिन्न रंगों, विचारों और भावनाओं से भरा है, जिससे वह एक सोचने वाला और समझदार व्यक्तित्व बनता है। इस अध्याय में बच्चों के लिए प्रेरणादायक संदेश हैं कि कैसे संकटों से उबरकर अपनी आगे की राह तय की जा सकती है।
