तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्पत्ति एवंविकास
NCERT Class 11 Sangeet Chapter 4: तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्पत्ति एवंविकास (Pages 27–36)
तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्पत्ति एवंविकास key concepts
- इस अध्याय में तबला और पखावज वाद्यों की उत्पत्ति और विकास पर चर्चा की गई है। तबला का नाम अरबी शब्द 'तब्ल' से व्युत्पन्न है, और इसकी ऐतिहासिक यात्रा, विभिन्न मत और सांस्कृतिक प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। यह दोनों वाद्य भारतीय संगीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पखावज का सृजन और उसके विकास के पीछे कई मत हैं, जिसमें से एक के अनुसार इसे अलाउदीन खिलजी के दरबार में विकसित किया गया। इस अध्याय में इन वाद्यों के निर्माण की तकनीक, सामग्री और उनके सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।
Important topics in तबला एवंपखावज वाद्यों की उत्पत्ति एवंविकास
- 1.इस अध्याय में तबला और पखावज वाद्यों की उत्पत्ति और विकास का विवरण दिया गया है। इसकी सांस्कृतिक भूमिका और विभिन्न ऐतिहासिक पहलुओं पर विचार किया गया है। इस अध्याय में तबला और पखावज वाद्यों की उत्पत्ति और विकास पर चर्चा की गई है। तबला का नाम अरबी शब्द 'तब्ल' से व्युत्पन्न है, और इसकी ऐतिहासिक यात्रा, विभिन्न मत और सांस्कृतिक प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। यह दोनों वाद्य भारतीय संगीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पखावज का सृजन और उसके विकास के पीछे कई मत हैं, जिसमें से एक के अनुसार इसे अलाउदीन खिलजी के दरबार में विकसित किया गया। इस अध्याय में इन वाद्यों के निर्माण की तकनीक, सामग्री और उनके सांस्कृतिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।
