परोपकाराय सतां विभूतयः
NCERT Class 11 Sanskrit Chapter 2: परोपकाराय सतां विभूतयः (Pages 6–12)
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परोपकाराय सतां विभूतयः at a Glance
CBSE
Class 11
Sanskrit
Shashwati
2
6–12
6 study resources
परोपकाराय सतां विभूतयः Summary
इस पाठ में बोधिसत्त्व का एक अद्भुत कथा के माध्यम से वर्णन किया गया है। बोधिसत्त्व, जो मत्स्याधिपति के रूप में जाने जाते हैं, ने अपने साथी मत्स्यों के प्रति करुणा और दया दिखाई। वह स्वयं को बहुवर्षों के अभ्यास के कारण परोपकार में लगे रहते हैं। जब जलस्रोत सूख जाता है, तब बोधिसत्त्व चिंता में पड़ जाते हैं और अपने साथी मत्स्यों की रक्षा के लिए सोचने लगते हैं। उनकी करुणा और सत्य के बल से, वह चाहते हैं कि देवताओं से वर्षा हो और जल फिर से लौटे। बोधिसत्त्व मानते हैं कि सच्चाई और तप से किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है। इसके बाद, देवताओं को उनकी भक्ति और निष्ठा पर आश्चर्य होता है और वे अंततः उनकी प्रार्थना को सुनते हैं। इस प्रकार, जल पुनः प्रवाहित होता है और जीवों का जीवन सुरक्षित होता है। पाठ में यह सिखाया गया है कि सत्प्रवृत्तियाँ और करुणा केवल बोधिसत्त्व को ही नहीं, बल्कि समाज को भी कल्याण प्रदान करती हैं। यह कथा हमें प्रेरित करती है कि हमें हमेशा दूसरों की सहायता करनी चाहिए और अपनी अच्छाई को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए।
