बनारस
NCERT Class 12 Hindi Chapter 7: बनारस (Pages 22–24)
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Summary of बनारस
बनारस at a Glance
CBSE
Class 12
Hindi
Antra
7
22–24
6 study resources
बनारस Summary
बनारस, जिसे वाराणसी भी कहते हैं, भारतीय संस्कृति और धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। यह अध्याय हमें बनारस की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में जानकारी देता है। अध्याय में शुरुआत में बनारस की भौगोलिक स्थिति और इसका पवित्र महत्व बताया गया है। माता गंगा के किनारे बसने वाला यह शहर हिन्दू धर्म के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ पर हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। बनारस की गलियों में चलते हुए हमरे सामने मंदिरों और घाटों की झलक मिलती है, जो इसकी समृद्ध परंपरा का हिस्सा हैं। इस अध्याय में बनारस के प्रमुख घाटों का भी वर्णन है, जैसे दाशीश्वर घाट और पंचगंगा घाट। ये घाट केवल स्नान और पूजा के लिए नहीं, बल्कि लोगों के मिलन का स्थान भी हैं। यहाँ पर धार्मिक अनुष्ठान, स्नान के अवसर और अन्य महत्वपूर्ण पर्वों का आयोजन बड़े धूमधाम से होता है। इसके अतिरिक्त, बनारसी सिल्क साड़ी और अन्य हस्तशिल्प का भी उल्लेख किया गया है। ये वस्त्र न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं। अध्याय में बनारसी खाना, जैसे कि चाट, पान और अन्य विशेष व्यंजनों का भी जिक्र किया गया है, जो शहर की विशेष पहचान बन गए हैं। बनारस का धार्मिक महत्व भी अध्याय में स्पष्ट रूप से समझाया गया है। इसे मोक्ष का शहर माना जाता है, जहाँ मरने वाले व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने से वह moksha प्राप्त करता है। यहाँ के बाबा विश्वनाथ मंदिर की महत्ता विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह भगवान शिव का मुख्य तीर्थ स्थल है। इस अध्याय के माध्यम से छात्रों को यह भी समझ में आता है कि बनारस भारतीय संस्कृति और धार्मिकता को किस प्रकार प्रदर्शित करता है और यह कैसे आज भी आधुनिकता के बीच अपनी परंपराओं को बनाए रखता है। अध्याय का समापन बनारस की अनूठी छवि और उसके महत्व पर केंद्रित है, जिसे समझने से छात्र राष्ट्रीय धरोहर और सांस्कृतिक विविधता की सराहना कर सकते हैं।
