वर्षा बहार
NCERT Class 7 Hindi Chapter 7: वर्षा बहार (Pages 83–95)
Summary of वर्षा बहार
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वर्षा बहार at a Glance
CBSE
Class 7
Hindi
Malhar
7
83–95
6 study resources
वर्षा बहार Summary
इस अध्याय में वर्षा बहार का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बादलों की गरज और बिजली की चमक से वातावरण में एक नया उत्साह भर जाता है। वर्षा का मौसम न केवल प्रकृति के लिए बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। वर्षा के दौरान पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, और जलवायु सब बदल जाते हैं। वे सभी इस समय को अपनी खुशियों के साथ मनाते हैं। अध्याय में मोर, मेंढक, और अन्य जीव-जंतुओं का वर्षा में आनंद लेने का चित्रण किया गया है। ऐसा लगता है कि जैसे वन और बागों में हर जगह खुशी का माहौल होता है। लेखक मुकुटधर पाण्डेय द्वारा रचित इस कविता में न केवल वर्षा का मौसम बल्कि जीवों का आनंद और उनके व्यवहार को भी बखूबी दिखाया गया है। लेखक ने शब्दों के माध्यम से वर्षा के समय की हरियाली और सौंदर्य का वर्णन किया है। सभी जीव इस समय गाते और नाचते हैं, जो वातावरण को और भी जीवंत बनाता है। कविता में यह भी बताया गया है कि वर्षा का जल किस प्रकार से हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। जब वर्षा होती है, तब फसलें उगती हैं, वृक्षों का विकास होता है और जीव-जंतु प्रसन्न होते हैं। यह Season जीवन और प्रकृति के बीच एक अनूठा संबंध स्थापित करता है। लेखक ने यह दिखाया है कि कैसे एक साधारण वर्षा का मौसम पूरे पर्यावरण को खुशनुमा बना देता है। इस अध्याय में प्राकृतिक सौंदर्य की विविधता को भी दर्शाया गया है। लेखक की बातें हमें याद दिलाती हैं कि किस तरह भारतीय संस्कृति में प्राकृतिक तत्वों का सम्मान किया जाता है। वर्षा का ये मौसम न केवल कुदरत के लिए बल्कि मनुष्यों के लिए भी अनमोल होता है। किसान जो मेहनत से फसल उगाते हैं, उनकी खुशी इस समय विशेष रूप से देखी जा सकती है। इस प्रकार से पाण्डेय का यह अंक हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है, कि हमें प्रकृति का ध्यान रखना चाहिए और इसके प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए क्योंकि हमारी जीवनरक्षा इसी पर निर्भर करती है। इस अध्याय का समापन इस बात पर होता है कि कैसे पूरी दुनिया का सौंदर्य वर्षा पर निर्भर करता है और किस तरह एक साधारण बारिश हमारे जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर सकती है।
