घर की याद
NCERT Class 9 Hindi Chapter 12: घर की याद (Pages 194–205)
Summary of घर की याद
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घर की याद at a Glance
CBSE
Class 9
Hindi
Ganga
12
194–205
10 study resources
घर की याद Summary
यह कविता भवानीप्रसाद मिश्र द्वारा लिखी गई है जब वे जेल में थे। कवि को अपने परिवार की याद आती है और वे सावन के बादल को संदेश भेजते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि परिवार वाले उन्हें जेल की कठिनाइयों के बारे में न बताएं। घर की याद में, कवि अपने परिजनों को एक-एक करके याद करता है, जिससे यह कविता परिवार के प्रति प्रेम और सांत्वना का प्रतीक बन जाती है। इस कविता में मन की गहराइयाँ और घरेलू यादों का अभिव्यक्त होता है। यह केवल भौतिक स्थान की याद नहीं है, बल्कि वहाँ बिताए गए समय, क्षणों और भावनाओं का संदर्भ है। इस तरह, कवि एक गहन भावनात्मक अनुभव का संचार करता है। इसके माध्यम से हमें यह समझ में आता है कि परिवार का कितना महत्वपूर्ण स्थान होता है, विशेषकर मुश्किल समय में। कवि का यह आग्रह कि परिवार उसकी चिंताओं को न जानें, एक आत्मनिर्भरता और परिवार के प्रति निष्ठा को भी दर्शाता है। इस कविता के माध्यम से न केवल कवि की व्यक्तिगत भावना व्यक्त होती है, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम के समय के संघर्ष को भी उभारती है। यह दर्शाती है कि कैसे कठिनाईयों में भी परिवार की याद शक्तिशाली हो सकती है।
