राग परिचय एवं बंदिशें
NCERT Class 11 Sangeet Chapter 6: राग परिचय एवं बंदिशें (Pages 82–153)
राग परिचय एवं बंदिशें key concepts
- अध्याय 'राग परिचय एवं बंदिशें' में विभिन्न रागों का अध्ययन किया गया है, जैसे राग भैरव, जिसका वादी स्वर धैवत है और संवादी स्वर ऋषभ है। राग भैरव का गायन प्रात: काल के समय में किया जाता है और यह गंभीर स्वभाव का राग है। इसके अलावा, राग खमाज, यमन, भूपाली, भीमपलासी, विहाग और जौनपुरी की विशेषताओं का भी विश्लेषण किया जाएगा। रागों की जातियाँ, आरोह-अवरोह संरचना और गाने के सही समय का ज्ञान छात्रों को सुसंगठित संगीत सृजन में सहायक सिद्ध होगा।
Important topics in राग परिचय एवं बंदिशें
- 1.इस अध्याय में राग परिचय एवं बंदिशें के माध्यम से राग भैरव, खमाज, यमन, भूपाली, भीमपलासी, विहाग और जौनपुरी का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। यह संगीत की गहराई को समझने में छात्रों की मदद करेगा। अध्याय 'राग परिचय एवं बंदिशें' में विभिन्न रागों का अध्ययन किया गया है, जैसे राग भैरव, जिसका वादी स्वर धैवत है और संवादी स्वर ऋषभ है। राग भैरव का गायन प्रात: काल के समय में किया जाता है और यह गंभीर स्वभाव का राग है। इसके अलावा, राग खमाज, यमन, भूपाली, भीमपलासी, विहाग और जौनपुरी की विशेषताओं का भी विश्लेषण किया जाएगा। रागों की जातियाँ, आरोह-अवरोह संरचना और गाने के सही समय का ज्ञान छात्रों को सुसंगठित संगीत सृजन में सहायक सिद्ध होगा।
