कै से दिखते हैं तबला एवंपखावज वाद्य?
NCERT Class 11 Sangeet Chapter 2: कै से दिखते हैं तबला एवंपखावज वाद्य? (Pages 13–20)
कै से दिखते हैं तबला एवंपखावज वाद्य? key concepts
- तबला और पखावज, उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रमुख वाद्य हैं। तबला, दो भागों में विभाजित होता है: दायाँ और बायाँ, जिन्हें अलग-अलग तरीकों से बजाया जाता है। इसका निर्माण मुख्यतः लकड़ी से होता है, जिसमें तीन खोखले और एक ठोस तह होती है। पखावज, एक द्वमुखी वाद्य है, जिसे विशेष रूप से ध्रुपद गायकी में उपयोग किया जाता है। इसकी लम्बाई 75 से 80 सेंटीमीटर होती है और विभिन्न ध्वनियों के लिए गीला आटा और स्याही का उपयोग किया जाता है। दोनों वाद्ययंत्रों का उपयोग कथक नृत्य में भी किया जाता है।
Important topics in कै से दिखते हैं तबला एवंपखावज वाद्य?
- 1.इस अध्याय में तबला और पखावज वाद्य की विशेषताएँ और निर्माण प्रक्रिया को समझाया गया है। यह भारतीय संगीत में इन वाद्यों की भूमिका को स्पष्ट करता है। तबला और पखावज, उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रमुख वाद्य हैं। तबला, दो भागों में विभाजित होता है: दायाँ और बायाँ, जिन्हें अलग-अलग तरीकों से बजाया जाता है। इसका निर्माण मुख्यतः लकड़ी से होता है, जिसमें तीन खोखले और एक ठोस तह होती है। पखावज, एक द्वमुखी वाद्य है, जिसे विशेष रूप से ध्रुपद गायकी में उपयोग किया जाता है। इसकी लम्बाई 75 से 80 सेंटीमीटर होती है और विभिन्न ध्वनियों के लिए गीला आटा और स्याही का उपयोग किया जाता है। दोनों वाद्ययंत्रों का उपयोग कथक नृत्य में भी किया जाता है।
