Sangeet ke pramukh kalaakaaron ka parichay va yogadaan
NCERT Class 12 Sangeet Chapter 9: Sangeet ke pramukh kalaakaaron ka parichay va yogadaan (Pages 152–166)
Sangeet ke pramukh kalaakaaron ka parichay va yogadaan key concepts
- इस अध्याय में भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान कलाकारों और उनके योगदान का विवरण प्रस्तुत किया गया है। निसार हुसैं खाँ, जिन्होंने खयाल गायकी में अद्वितीयता हासिल की, का जीवन परिचय और संगीत में योगदान विस्तार से बताया गया है। अहमद जाि थिरकवा का तबला वादन और उसके शिक्षकों का उल्लेख किया गया है। उस्ताद नबनस्मललाह खाँ की शहकारी गायकी एवं उनकी अभूतपूर्व प्रस्तुतियों ने संगीत की दुनिया में एक नई पहचान बनाई। पं.
- कंठे महाराज की तबला वादन शैली पर चर्चा की गई है, जबकि स्वाम्री पागल दास के पखावज वादन में उनके तप और साधना की प्रशंसा की गई है। अन्य कलाकारों जैसे कुमार गंधव्व और पं.
- नवषणु निगंबर पुलस्कर के प्रयासों से भारतीय संगीत की धारा आगे बढ़ी है। पं.
- नविायक राव पटवध्वि की गायकी ने युवा गायकों को प्रेरित किया है।
Important topics in Sangeet ke pramukh kalaakaaron ka parichay va yogadaan
- 1.इस पाठ में हम भारतीय संगीत के प्रमुख कलाकारों की जीवन कथा और उनके योगदान के बारे में जानेंगे। निसार हुसैं खाँ, अहमद जाि थिरकवा, उस्ताद नबनस्मललाह खाँ, पं.
- 2.कंठे महाराज, स्वाम्री पागल दास, कुमार गंधव्व, पं.
- 3.नविायक राव पटवध्वि जैसे संगीतज्ञों के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इस अध्याय में भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान कलाकारों और उनके योगदान का विवरण प्रस्तुत किया गया है। निसार हुसैं खाँ, जिन्होंने खयाल गायकी में अद्वितीयता हासिल की, का जीवन परिचय और संगीत में योगदान विस्तार से बताया गया है। अहमद जाि थिरकवा का तबला वादन और उसके शिक्षकों का उल्लेख किया गया है। उस्ताद नबनस्मललाह खाँ की शहकारी गायकी एवं उनकी अभूतपूर्व प्रस्तुतियों ने संगीत की दुनिया में एक नई पहचान बनाई। पं.
- 4.कंठे महाराज की तबला वादन शैली पर चर्चा की गई है, जबकि स्वाम्री पागल दास के पखावज वादन में उनके तप और साधना की प्रशंसा की गई है। अन्य कलाकारों जैसे कुमार गंधव्व और पं.
- 5.नवषणु निगंबर पुलस्कर के प्रयासों से भारतीय संगीत की धारा आगे बढ़ी है। पं.
- 6.नविायक राव पटवध्वि की गायकी ने युवा गायकों को प्रेरित किया है।
