Raag parichay evan bandishe
NCERT Class 12 Sangeet Chapter 6: Raag parichay evan bandishe (Pages 77–123)
Raag parichay evan bandishe key concepts
- राग पर परिचय एवं बंदिशें अध्याय में विभिन्न रागों का गहन अध्ययन किया गया है, जैसे बागेश्री, आसावरी, देस, मालकौंस और शुद्ध सारंग। यह अध्याय रागों के निर्माण, उनके स्वर, गायन समय, एवं ठाट की व्याख्या करता है। राग बागेश्री राग काफी थाट से उत्पन्न होता है, जिसमें गंधार और निषाद स्वर कोमल होते हैं। इसी तरह राग आसावरी, जो मधुरता और लोकनप्रियता के लिए जाना जाता है। राग देस में दोनों निनषाद का प्रयोग होता है। इस अध्याय में रागों के प्रमुख कलाकारों का परिचय भी दिया गया है।
Important topics in Raag parichay evan bandishe
- 1.इस अध्याय में रागों का विस्तृत परिचय एवं विभिन्न ठाट और रागों के गायकियों की जानकारी दी गई है। यह भारतीय संगीत को समझने में सहायक है। राग पर परिचय एवं बंदिशें अध्याय में विभिन्न रागों का गहन अध्ययन किया गया है, जैसे बागेश्री, आसावरी, देस, मालकौंस और शुद्ध सारंग। यह अध्याय रागों के निर्माण, उनके स्वर, गायन समय, एवं ठाट की व्याख्या करता है। राग बागेश्री राग काफी थाट से उत्पन्न होता है, जिसमें गंधार और निषाद स्वर कोमल होते हैं। इसी तरह राग आसावरी, जो मधुरता और लोकनप्रियता के लिए जाना जाता है। राग देस में दोनों निनषाद का प्रयोग होता है। इस अध्याय में रागों के प्रमुख कलाकारों का परिचय भी दिया गया है।
