Āsanā
NCERT Class 8 Physical Education and Well Being Chapter 59: Āsanā (Pages 189–213)
Summary of Āsanā
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Āsanā at a Glance
CBSE
Class 8
Physical Education and Well Being
Khel Yatra
59
189–213
6 study resources
Āsanā Summary
इस अध्याय में, छात्रों को सूर्य नमस्कार और विभिन्न आसनों के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सूर्य नमस्कार, जो बारह आसनों का एक अनुक्रम है, न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी स्थापित करता है। छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि सूर्य के विभिन्न नामों का जप करते समय आसन करने से उनके अंदर सकारात्मक गुण कैसे विकसित होते हैं। इन नामों का जप करते हुए, छात्र स्वास्थ्य, ऊर्जा, मित्रता और समर्पण जैसे गुणों को अपने जीवन में आकर्षित कर सकते हैं। अध्याय की शुरुआत सूर्य नमस्कार के साथ होती है; छात्र ‘ओम’ के बाद सूर्य के नामों का जप करना सीखेंगे। यह ध्यान देने योग्य है कि रथ सप्तमी जैसे विशेष दिनों पर, सूर्य नमस्कार करना एक बहुत ही सम्मान का कार्य माना जाता है। अध्याय में यह भी बताया गया है कि आसनों के सही तरीके से अभ्यास के लिए स्थिरता और आराम बेहद जरूरी है। महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों में कहा गया है कि आसन का अभ्यास करने से सकारात्मक मानसिकता को विकसित किया जा सकता है। इस कारण, छात्रों को प्रत्येक आसन को सही तरीके से करने की तैयारी करनी चाहिए। अध्याय में छात्रों को नये आसनों का भी अभ्यास कराना है, जैसे वीरभद्रासन, गरुड़ासन, और पवनमुक्तासन। इसकी तैयारियों में वार्म-अप व्यायाम शामिल हैं और खासकर ध्यान केंद्रित करने के लिए श्वास प्रबंधन पर जोर दिया जाता है। एक समग्र और संतुलित अभ्यास के साथ-साथ छात्रों को ध्यान केंद्रित करना और आत्म-ज्ञान विकसित करना भी सिखाया जाएगा। अध्याय में सभी अभ्यासों के महत्व को समझाया जाएगा, साथ ही उन्हें सुरक्षित तरीके से करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए जाएंगे। इसके अंत में, अध्ययन पाठयक्रम के दौरान नियमित अभ्यास और ध्यान का महत्व भी बताया जाएगा। इस प्रकार, अध्याय आसनों की तकनीकी समझ और उनकी शारीरिक एवं मानसिक प्रभावशीलता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
