EdzyEdzy
AI Tutor
CBSE AI TutorStep-by-step CBSE study help for Classes 6-12.
Class 10 AI TutorBoard-focused AI tutor help for CBSE Class 10 students.
CBSE Maths AI TutorStep-by-step maths help for CBSE students.
CBSE Doubt SolvingInstant AI doubt solving for homework and revision.
WhatsApp TutorGet AI tutor help directly on WhatsApp.
CBSE
Class 6CBSE Class 6 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Class 7CBSE Class 7 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Class 8CBSE Class 8 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Class 9CBSE Class 9 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Class 10CBSE Class 10 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Class 11CBSE Class 11 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Class 12CBSE Class 12 subjects and study material.EnglishMathematicsHindiUrdu
Play
DuelChallenge another student in a quick learning duel.
RumbleJoin live academic competitions and leaderboards.
BadgesTrack milestones and learning achievements.
Get AppDownload Edzy for faster access on mobile.
Schools
Inter-School ChampionshipExplore Edzy's school championship.
School InstitutionBrowse schools and institutions.
State Wise SchoolFind schools by state.
District Wise SchoolFind schools by district.
Resources
StudyStudy ToolsCalculatorPlanners
ContentBlogsNews Article
CompareEdzy vs GPTEdzy vs GeminiEdzy vs Others
Buy
SearchDownload AppLogin
EdzyEdzy

Edzy for Classes 6-12

Edzy is a personal AI tutor for CBSE and State Board students, with curriculum-aligned guidance, practice, revision, and study plans that adapt to each learner.

  • Email: always@edzy.ai
  • Phone: +91 96256 68472
  • WhatsApp: +91 96256 68472
  • Address: Sector 63, Gurgaon, Haryana

Follow Edzy

Browse by Class

  • CBSE Class 6
  • CBSE Class 7
  • CBSE Class 8
  • CBSE Class 9
  • CBSE Class 10
  • CBSE Class 11
  • CBSE Class 12
Explore the CBSE resource hub

Explore Edzy

  • Study Resources
  • Free Study Tools
  • Best Apps for Board Exams
  • Edzy vs ChatGPT
  • About Us
  • Why We Built Edzy
  • Blog
  • CBSE AI Tutor
  • Class 10 AI Tutor
  • CBSE Doubt Solving
  • Chrome Extension

Support & Legal

  • Help & FAQs
  • Accessibility
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Cookie Policy
  • Site Directory

© 2026 Edzy. All rights reserved.

Curriculum-aligned learning paths for students in Classes 6-12.

Chapter Hub

एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्?

गणना कर सकते हैं, घटना का पहले भाग एषः कः? एषा का? एतत् किम्? के अन्य विषयों को समझाते हैं जैसे एकवचनम्, द्विवचनम्, और बहुवचनम्।

Summary, practice, and revision
CBSE
Class 6
Sanskrit
Deepakam

एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्?

Download NCERT Chapter PDF for एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्? – Latest Edition

Access Free NCERT PDFs & Study Material on Edzy – Official, Anytime, Anywhere

Live Challenge Mode

Ready to Duel?

Challenge friends on the same chapter, answer fast, and sharpen your concepts in a focused 1v1 battle.

NCERT-aligned questions
Perfect for friends and classmates

Why start now

Quick, competitive practice with instant momentum and zero setup.

More about chapter "एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्?"

इस अध्याय में, हम 'एकवचनम्', 'द्विवचनम्', और 'बहुवचनम्' के बारे में अध्ययन करेंगे। विद्यार्थी 'एषः कः?', 'एषा का?', और 'एतत् किम्?' जैसे प्रश्नों के माध्यम से संज्ञाओं और सर्वनामों का प्रयोग करना सीखेंगे। विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से, छात्र यह भी समझेंगे कि वस्तुओं के लिंग कैसे पहचाने जाते हैं और वे क्रियाओं के साथ कैसे संरचित होते हैं। यह ज्ञान विद्यार्थियों को अनेक वाक्य रचनाओं में सहायता करेगा, जिससे उनकी भाषा कौशल में सुधार होगा।
Learn Better On The App
Competitive revision

Challenge Your Friends

Compete in short duels with fast rounds, instant feedback, and zero boredom.

1v1 challenges
Fast recall training

Faster access to practice, revision, and daily study flow.

Edzy mobile app preview

Class 6 Sanskrit Chapter: एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्?

इस अध्याय में विद्यार्थियों को एकवचनम्, द्विवचनम्, और बहुवचनम् के उपयोग का ज्ञान प्राप्त होगा, साथ ही सर्वनाम-प्रयोग और वाक्य रचना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एकवचनम् वह रूप है जिसमें कोई वस्तु या व्यक्ति एकल रूप में दर्शाया जाता है। उदाहरण के लिए, 'बालकः' एकवचनम् में है, जिसका अर्थ है 'एक बच्चा'। यह आधारभूत संज्ञा का रूप है जो किसी एक वस्तु या व्यक्ति को इंगित करता है।
द्विवचनम् वह रूप है, जो किसी वस्तु या व्यक्ति के दो के समूह का संकेत करता है। उदाहरण के लिए, 'बालकौ' और 'वृक्षौ' द्विवचनम् में हैं, जिसका अर्थ है 'दो बच्चे' और 'दो वृक्ष'। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब हम किसी चीज़ की दो इकाइयों की बात कर रहे हों।
बहुवचनम् वह रूप है जिसमें किसी वस्तु या व्यक्ति के तीन या उससे अधिक की संख्या को संदर्भित किया जाता है। उदाहरण के लिए, 'बालकाः', 'वृक्षाः' और 'गजाः' बहुवचनम् में हैं, जिसका अर्थ है 'बच्चों', 'वृक्षों' और 'हाथियों'। यह उस अवस्था को दर्शाता है, जहां हम कई वस्तुओं या व्यक्तियों का उल्लेख कर रहे हैं।
सर्वनाम-प्रयोग भाषा में स्पष्टता और संक्षिप्तता लाता है। इसमें, हम विभिन्न सर्वनामों का प्रयोग करके किसी नाम या वस्तु को दोहराने से बचते हैं। इससे वाक्य सरल और आकर्षक बनते हैं। उदाहरण के लिए, 'सः पाठयति' (वह पढ़ाता है) का प्रयोग एक संदर्भ स्थापित करने में मदद करता है।
वाक्य रचना का महत्व इस बात में है कि यह हमें विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की अनुमति देती है। अच्छे वाक्य रचनाओं के माध्यम से, हम अपनी भावनाओं, विचारों और जानकारी को प्रभावी तरीके से संप्रेषित कर सकते हैं। यह भाषा कौशल को सुधारने के लिए आवश्यक है।
किसी वाक्य में विषय और क्रिया का सही उपयोग करने के लिए, पहले यह पहचाना जाएगा कि कौन सी कार्रवाई की जा रही है। उदाहरण के लिए, 'सः बालकः पठति' में 'सः' विषय है, और 'पठति' क्रिया है। इस प्रकार, सही वाक्य का एक संरचना में विषय (जो क्रिया करता है) और क्रिया (जो किया जाता है) शामिल होते हैं।
इस प्रश्न 'एषः कः?' का उत्तर इस आधार पर बदलता है कि संदर्भ में कौन व्यक्ति है। उदाहरण के तौर पर, यदि हम एक शिक्षक के बारे में बात कर रहे हैं, तो उत्तर हो सकता है, 'एषः अध्यापकः अस्ति' यानी 'यह अध्यापक है।'
प्रश्न 'एषा का?' का उत्तर उस विषय के आधार पर होगा जिसका संदर्भ लिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, यदि हम किसी लड़की के बारे में बात कर रहे हैं, तो हम कह सकते हैं, 'एषा बालिका अस्ति' यानी 'यह लड़की है।'
प्रश्न 'एतत् किम्?' किसी वस्तु के बारे में जानकारी पूछने के लिए प्रयोग होता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब हमें किसी विशेष वस्तु के गुण या विवरण जानने में रुचि हो। उदाहरण के लिए, अगर कोई फल हो, तो हम पूछ सकते हैं, 'एतत् फलम् किम्?' यानी 'यह फल क्या है?'
स्त्रीलिङ्ग और पुंलिङ्ग में मुख्य अंतर यह है कि पुंलिङ्ग मर्दाना शब्दों को संदर्भित करता है, जबकि स्त्रीलिङ्ग जनानी शब्दों को संदर्भित करता है। जैसे 'बालक' पुंलिङ्ग है और 'बालिका' स्त्रीलिङ्ग है। ये लिंग वाक्य में संज्ञाओं की स्पष्टता में सहायता करते हैं।
नपुंसकलिङ्ग वह लिंग है जिसका उपयोग जीवों या वस्तुओं के लिए किया जाता है, जो न तो पुरुष और न ही महिला हैं। उदाहरण के लिए, 'पुस्तकम्' और 'पत्रम्' नपुंसकलिङ्ग में हैं। इसका सही उपयोग भाषा में वस्तुओं को सही रूप से पहचानने में मदद करता है।
संरचना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाक्य व्याकरणीय और अर्थपूर्ण हो। यह भाषा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाक्यों में सही शब्दों का क्रम तय करता है। सही संरचना से विचारों का स्पष्टीकरण और प्रभाव बना रहता है।
एक वाक्य में एकवचन और बहुवचन का प्रयोग करना संभव है जब हम विभिन्न लोगों या वस्तुओं के बीच तुलना करते हैं। जैसे, 'एषः बालकः पुस्तकं पठति, तु एते बालकाः पुस्तकानि पठन्ति' यानी 'यह बच्चा एक किताब पढ़ रहा है, लेकिन ये बच्चे कई किताबें पढ़ रहे हैं।'
विषय और क्रिया का एक सरल उदाहरण होगा: 'सः क्रीडति'। यहाँ 'सः' विषय है (वह) और 'क्रीडति' क्रिया है (खेल रहा है)। इस प्रकार, विषय क्रिया को स्पष्ट करता है और हम समझ सकते हैं कि कौन सा कार्य किया जा रहा है।
शब्दारंभ का मतलब होता है किसी शब्द का पहला भाग। यह उस समय का संकेत होता है जब हम एक विषय से दूसरे विषय की ओर बढ़ते हैं। उदाहरण के लिए, 'किन्तु' या 'अथा' जैसे शब्‍द वाक्य का प्रवाह बदलने में सहायक होते हैं।
किसी विषय को सही तरीके से प्रस्तुत करने के लिए, उसे स्पष्टता और संक्षेपता के साथ व्यक्त करना बहुत महत्वपूर्ण है। आप दृश्य उदाहरण या संदर्भ का उपयोग करके अपने विचार को मजबूती से रखें। स्पष्ट तथ्य और स्पष्ट वाक्य संरचना आपके विचार को बेहतर बनाते हैं।
व्याकरण में शब्दों का स्थान तय करने के लिए, हम सामान्य नियमों का पालन करते हैं। जैसे, विषय पहले आता है, फिर क्रिया और बाद में वस्तु। उदाहरण के लिए, 'सः फलम् खादति' में 'सः' (विषय) पहले, 'फलम्' (वस्तु) दूसरे और 'खादति' (क्रिया) तीसरे स्थान पर है।
पाठ्य सामग्री को याद रखने के लिए नियमित रूप से पुनरावलोकन करना चाहिए। नोट्स बनाएं, उदाहरणों के साथ समझें, और सुनिश्चित करें कि आप समझदारी से पढ़ेंगे। चित्रण और लेखन भी याददाश्त को मजबूत करते हैं।
शब्दों का संक्षिप्तीकरण तब उपयोग करें जब आपको जानकारी को संक्षेप में प्रस्तुत करना हो। यह वाक्य को संक्षिप्त और प्रभावी बनाने में मदद करता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि संक्षिप्त शब्दों को भी सही संदर्भ में उपयोग करना चाहिए।
शब्दों की विविधताओं का अध्ययन करना भाषा कौशल को समृद्ध करता है। यह हमारे शब्दकोश का विस्तार करता है और हमें विभिन्न संदर्भों में संवाद करने की क्षमता देता है। यह विद्यार्थियों को भाषा में निपुणता लाने में मदद करता है।
व्याकरण के नियमों को समझने के लिए, आपको धीरे-धीरे और क्रमबद्ध तरीके से अध्ययन करना चाहिए। स्व-अध्ययन, समूह अध्ययन और व्यावहारिक उदाहरण उपयोगी होते हैं। नियमों को बार-बार दोहराने से उन्हें याद करना आसान हो जाता है।
संधि का अर्थ होता है दो या दो से अधिक शब्दों का मिलाना। भाषा में यह संयुक्त रूप से अर्थ को बदल देता है। उदाहरण के लिए, 'अभिनव' और 'कला' साथ मिलकर 'अभिनवकला' बनाते हैं, जिसका अर्थ नया कला होता है।
भाषा में स्पष्टता लाने के लिए सरल वाक्य संरचना का उपयोग करें। सावधानी से शब्दों का चयन करें और ऐसे विचारों का चयन करें जो सीधे और स्पष्ट हों। अभ्यास से आप अपनी स्पष्टता को बेहतर बना सकते हैं।

Chapters related to "एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्?"

वयं वर्णमालां पठामः

Start chapter

संयुक्‍त-व्‍यञ्जनान

Start chapter

अहं च त्वं च

Start chapter

संख्‍यागणना ननुसरला

Start chapter

अहं प्रातः उत्तिष्‍ ठामि

Start chapter

शूराः वयं धीराः वयम्

Start chapter

सः एव महान् चित्रकार

Start chapter

अतिथिदेवो भव

Start chapter

बुद्धिः सर्वार्थसाधिका

Start chapter

यः जानाति सः पण्डितः

Start chapter

एषः कः ? एषा का ? एतत् किम्? Summary, Important Questions & Solutions | All Subjects

Question Bank

Worksheet

Flash Cards