बुद्धिर्बलवती सदा
NCERT Class 10 Sanskrit Chapter 2: बुद्धिर्बलवती सदा (Pages 13–21)
बुद्धिर्बलवती सदा key concepts
- द्वितीय पाठ ‘बुद्धिर्बलवती सदा’ का आशय यह है कि बुद्धि सदा बलवती होती है। यह पाठ ‘शुकसप्तति’ नामक ग्रंथ से लिया गया है, जिसमें एक महिला बुद्धिमती अपने दोनों पुत्रों के साथ जंगल से अपने घर जा रही है। मार्ग में उसे एक व्याघ्र का सामना करना पड़ता है। बुद्धिमती अपनी चातुर्य और साहस का प्रदर्शन करते हुए व्याघ्र को डराकर भागने पर मजबूर कर देती है। इस पाठ में नीतिपरक संवाद और परिभाषाएँ भी शामिल हैं, जो शिक्षण में सहायक हैं। अंत में यह शिक्षा दी जाती है कि बुद्धि के बल पर किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है।
Important topics in बुद्धिर्बलवती सदा
- 1.पाठ ‘बुद्धिर्बलवती सदा’ में महिला बुद्धिमती की साहस और चातुर्य का विवरण है, जो व्याघ्र का सामना करके उसे पराजित करती है। यह पाठ नीतिपरक और शिक्षाप्रद है। द्वितीय पाठ ‘बुद्धिर्बलवती सदा’ का आशय यह है कि बुद्धि सदा बलवती होती है। यह पाठ ‘शुकसप्तति’ नामक ग्रंथ से लिया गया है, जिसमें एक महिला बुद्धिमती अपने दोनों पुत्रों के साथ जंगल से अपने घर जा रही है। मार्ग में उसे एक व्याघ्र का सामना करना पड़ता है। बुद्धिमती अपनी चातुर्य और साहस का प्रदर्शन करते हुए व्याघ्र को डराकर भागने पर मजबूर कर देती है। इस पाठ में नीतिपरक संवाद और परिभाषाएँ भी शामिल हैं, जो शिक्षण में सहायक हैं। अंत में यह शिक्षा दी जाती है कि बुद्धि के बल पर किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है।
