इस पाठ में कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता 'आत्मत्राण' का अध्ययन किया गया है, जिसमें वे सर्वशक्तिमान प्रभु से अपने लिए संघर्ष की क्षमता और आत्मबल की कामना करते हैं। यह कविता आत्मनिर्भरता का संदेश देती है।
Author: रवींद्रनाथ ठाकुर
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कविता 'आत्मत्राण' में रवींद्रनाथ ठाकुर अपने अंदर की शक्ति और संघर्ष को प्राथमिकता देते हैं। अपनी प्रार्थना में वह उत्कृष्टता को प्रेरित करते हैं।
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